Sunday 10th of May 2026

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: गांव के रास्ते तय होगा सत्ता का सफरः समाजवादियों की पंचायत चुनाव पर पैनी नजर, जानिए 269 सीटों का सियासी समीकरण…

मोनिका यादव , लखनऊ. पंचायत चुनाव जनवरी या फरवरी में होने की उम्मीद जताई जा रही है. ऐसे में 2027 से पहले पंचायत चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीति पर फोकस करना शुरू कर दिया है. समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीति के तहत हर गांव, ब्लॉक पर टीम तैनात कर दिया है, जिससे मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी न की जा सके. हालांकि, अभी इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि समाजवादी पार्टी पंचायत चुनाव में सिम्बल पर प्रत्याशी उतरेगी या समर्थित उम्मीदवार ही मैदान में होंगे.

विधानसभा चुनाव से पहले सपा का लिटमस टेस्ट

ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो विधानसभा की दो तिहाई सीट लगभग 269 सीट इन्हीं क्षेत्रों के पास से आती है. ऐसे में ये विधानसभा के जादुई आंकड़े से ज़्यादा ही ये सीट होती है. यदि इसको साधने में कोई भी दल कामयाब होता है तो निश्चित ही विधानसभा में सत्ता की कुंजी उसके पास ही होनी है.

जातिगत वोटबैंक पर नज़र

परिसीमन का काम शुरू हो चुका है, जबकि क्षेत्रवार आरक्षण के मसले पर भी कार्रवाई तेज़ हो रही है. ऐसे में किसी भी तरह का भेदभाव और जातिगत स्थिति के अनुसार सीटों का वर्गीकरण हो इसको लेकर समाजवादी बीएलओ और पंचायत ऑफिस में लगातार नज़र बनाए हुए हैं. पिछले अनुभव के मुताबिक सपा को लगता है कि भाजपा आंकड़ों में हेराफेरी कर सकती है. पीडीए के मसले को लेकर भी ग्रामवार कार्यक्रम बनाने की रणनीति को अमल में लाने की तस्दीक अखिलेश यादव कर चुके हैं.

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