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डोंगरगढ़ सहकारी बैंक भवन निर्माण पर विधानसभा में घमासान, : अतिक्रमण हटाने में देरी पर विपक्ष का वॉकआउट

Jagbhan Yadav

Tue, Mar 10, 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान डोंगरगढ़ में सहकारी बैंक शाखा भवन निर्माण का मामला जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने आरोप लगाया कि जिस सरकारी जमीन पर बैंक शाखा भवन बनना है, वहां अतिक्रमण होने के बावजूद सरकार उसे हटाने में नाकाम साबित हो रही है।
प्रश्नकाल के दौरान हर्षिता बघेल ने कहा कि सरकार इतनी कमजोर हो गई है कि आबंटित सरकारी जमीन से अतिक्रमण तक नहीं हटा पा रही है। उन्होंने बताया कि बैंक शाखा भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन भी हो चुका है और निर्माण के लिए राशि भी स्वीकृत है, इसके बावजूद भवन निर्माण शुरू नहीं किया गया है। उनका आरोप था कि किसी निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए बैंक शाखा को किराए के भवन में चलाया जा रहा है।
इस पर जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कलेक्टर से इस संबंध में चर्चा की गई है और जमीन से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पर बात हो चुकी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण बैंक शाखा को किराए के भवन से संचालित किया जा रहा है।
हर्षिता बघेल ने फिर सवाल उठाया कि उस जमीन पर आखिर किसका कब्जा है और अतिक्रमण कब तक हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक किसानों के लिए होता है, लेकिन भवन नहीं होने के कारण किसानों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी पूरक प्रश्न पूछते हुए जमीन के रकबे और पार्किंग के लिए आवश्यक भूमि का विवरण मांगा। मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बैंक भवन के लिए करीब 22 सौ वर्गफीट जमीन आबंटित है, जबकि पार्किंग के लिए लगभग 3 हजार वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता बताई गई है।
भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि करीब 19 हजार वर्गफीट जमीन खाली पड़ी है, तो इसका मतलब है कि जानबूझकर अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा और किसी निजी व्यक्ति को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
मंत्री केदार कश्यप ने दोहराया कि जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

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