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नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध : कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

Jagbhan Yadav

Mon, Sep 14, 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं, पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात, भंडारण एवं सेवन को नियंत्रित और प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट लागू है। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों की विवेचना में गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता बढ़ाने तथा आरोपियों को प्रभावी ढंग से दोषसिद्ध कराने के उद्देश्य से आज कबीरधाम जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कवर्धा में राजनांदगांव रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने भारत माता ए छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज अजय यादव, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव सहित राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात और भंडारण से जुड़े पूरे नेटवर्क को पूरी ताकत से तोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विवेचना को इस स्तर तक प्रभावी बनाया जाए कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को न्यायालय से दोषसिद्धि दिलाई जा सके। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि गवाहों की अनुपस्थिति जैसी परिस्थितियों में भी उपलब्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का बेहतर उपयोग करते हुए प्रकरण को मजबूत बनाया जाए।

कार्यशाला में पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज अजय यादव ने विवेचना अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन एवं दोषसिद्धि के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने ऐसे प्रकरणों में गवाहों की अनुपस्थिति अथवा अन्य चुनौतियों के बावजूद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मजबूत प्रकरण तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छत्तीसगढ़ में हाल ही में सामने आए एनडीपीएस के प्रकरणों का उदाहरण देते हुए कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ एवं उनके लोकेशन तथा संपर्कों की तस्दीक कर यह पता लगाया जाए कि नशीला पदार्थ कहां से लाया गया और कहां तक पहुंचाया जाना था।

उन्होंने कहा कि कार्रवाई को केवल सामने मौजूद आरोपी तक सीमित न रखते हुए पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचना और तस्करी की चैन को समाप्त करना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यशाला में एनडीपीएस एक्ट से संबंधित प्रकरणों की विवेचना में आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों, साक्ष्य संकलन, तकनीकी साक्ष्य के उपयोग, दस्तावेजी प्रक्रिया तथा न्यायालय में दोषसिद्धि के लिए आवश्यक बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी कार्यशाला में प्राप्त मार्गदर्शन को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करते हुए नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।

एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई देश, समाज और युवाओं की सेवा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह देश, समाज, नौजवानों और आने वाली पीढ़ी की सेवा है। नशे के अवैध कारोबार से युवाओं को बचाने के लिए पुलिस को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां नशीले पदार्थों से संबंधित अवशेष अथवा गतिविधियों की जानकारी मिलती है, वहां उसकी तस्दीक कराई जाए तथा आवश्यकतानुसार सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों सहित आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग किया जाए, ताकि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।

नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क तक अंतिम व्यक्ति तक कार्रवाई करें सुनिश्चित

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जो तस्कर पुलिस की गिरफ्त में आते हैं, उनके लोकेशन, संपर्क, आवागमन तथा नशीले पदार्थ कहां से आए और कहां तक पहुंचाए जाने थे, इसकी गहन जानकारी जुटाई जाए। केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रखते हुए पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए तस्करी कराने वाले अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और मजबूत विवेचना के माध्यम से एनडीपीएस के मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाए। न्यायालय में दंड उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर ही निर्धारित होता है, इसलिए प्रत्येक विवेचना अधिकारी के साक्ष्य संकलन की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

गांजा तस्करी के स्रोतों की पहचान पर जोर
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गांजे की तस्करी के कई मामलों में अन्य राज्य से जुड़े स्रोत सामने आए हैं। सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से गांजे की अवैध खेती और तस्करी के स्रोतों की पहचान करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और जमीनी स्तर पर पुलिस की सक्रियता के समन्वय से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों से कहा कि समाज को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई को रूटीन कार्य न मानते हुए मिशन के रूप में लेकर कार्य करें और अपने-अपने क्षेत्र को नशे के अवैध कारोबार से मुक्त कराने के लिए ठोस एवं सकारात्मक परिणाम प्रस्तुत करें।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी सम्मानित

कार्यशाला के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए आरोपियों को दोषसिद्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

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