Sunday 5th of July 2026

ब्रेकिंग

आज 5 जुलाई को किन राशियों की बदलेगी किस्मत, जाने अपना राशिफल

आज 5 जुलाई को किन राशियों की बदलेगी किस्मत, जाने अपना राशिफल

*देवेंद्र यादव के नेतृत्व में आकाश चेलक ने भरा जिला महासचिव पद के लिए नामांकन* *युवा कांग्रेस का चुनाव ऑनलाइन, IYC ऐप

‘चिंतन शिविर 3.0’ का आयोजन आज से…..

राज्य में 30 जून की स्थिति में 13.16 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद का भण्डारण

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

इंद्रकांत हत्याकांड में पूर्व एसपी मणिलाल को SC से राहत:विस्फोटक व्याप : इंद्रकांत हत्याकांड में पूर्व एसपी मणिलाल को SC से राहत:विस्फोटक व्यापारी मौत मामले में जेल में बंद थे, सशर्त जमानत

Jagbhan Yadav

Sun, Nov 9, 2025

इंद्रकांत हत्याकांड में पूर्व एसपी मणिलाल को SC से राहत:विस्फोटक व्यापारी मौत मामले में जेल में बंद थे, सशर्त जमानत

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के चर्चित विस्फोटक व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड में जेल में बंद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है।

शीर्ष अदालत ने पाटीदार को अपना पासपोर्ट जमा कराने और उस जिले में प्रवेश न करने का निर्देश दिया है, जहां यह अपराध हुआ था। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वे केवल ट्रायल से संबंधित आवश्यकता होने पर ही उस जिले में जा सकेंगे।

यह मामला कबरई के पत्थर एवं विस्फोटक व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी से जुड़ा है। 7 सितंबर 2020 को इंद्रकांत ने एक वीडियो जारी कर तत्कालीन एसपी पाटीदार पर 6 लाख रुपए मासिक रिश्वत मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। वीडियो होने के अगले ही दिन, 8 सितंबर को वे अपनी कार में गोली लगने से घायल मिले थे। उन्हें कानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जहां 13 सितंबर 2020 को उनकी मौत हो गई थी।

मृत व्यापारी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने एसपी पाटीदार, कबरई थाना प्रभारी देवेंद्र शुक्ला, व्यापारी ब्रह्मदत्त और सुरेश सोनी के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।

मामला दर्ज होने के बाद मणिलाल पाटीदार रहस्यमय तरीके से फरार हो गए थे। पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए राजस्थान समेत कई राज्यों में तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इस दौरान गठित एसआईटी जांच में सिपाही अरुण यादव की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जो आय से अधिक संपत्ति का मालिक निकला। जांच के आधार पर आठ इंस्पेक्टर और पांच दरोगाओं पर भी विभागीय कार्रवाई की गई थी।

लंबे समय तक फरार रहने के बाद वर्ष 2022 में पाटीदार ने भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें जेल भेजा गया। इसी बीच, सरकार ने 2 सितंबर 2022 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था।

हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद पाटीदार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की थी, जिस पर अब शीर्ष अदालत ने सशर्त जमानत मंजूर कर ली है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें