: बसंत पंचमी आज: मां सरस्वती कवच का करे पाठ, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त?
Wed, Feb 14, 2024
बसंत पंचमी का पर्व साल 2024 में 14 फरवरी के दिन मनाया जाएगा. इस दिन शुभ मुहूर्त में मां सरस्वती के कवच का पाठ करने से शुफ फल की प्राप्ति होती है…
नईदिल्ली (ए)।
बसंत पंचमी का पर्व साल 2024 में 14 फरवरी के दिन मनाया जाएगा. इस दिन शुभ मुहूर्त में मां सरस्वती के कवच का पाठ करने से शुफ फल की प्राप्ति होती है।
साल 2024 में बसंत पचंमी की तिथि 13 फरवरी 2024, मंगलवार के दिन दोपहर 2.41 मिनट पर लग जाएगी. बसंत पंचमी तिथि 14 फरवरी, बुधवार को 12.09 मिनट पर समाप्त हो जाएगी।
बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त- सुबह 07:01 से दोपहर 12:35 तक है. इस दौरान आप 5 :35 मिनट में कभी भी सरस्वती पूजा कर सकते है।
सरस्वती कवच का पाठ
श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा शिरो मे पातु सर्वत:।
श्रीं वाग्देवतायै स्वाहा भालं मे सर्वदावतु।।
ऊं सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्र पातु निरन्तरम्।
ऊं श्रीं ह्रीं भारत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदावतु।।
ऐं ह्रीं वाग्वादिन्यै स्वाहा नासां मे सर्वतोवतु।
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदावतु।।
ऊं श्रीं ह्रीं ब्राह्मयै स्वाहेति दन्तपंक्ती: सदावतु।
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदावतु।।
ऊं श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदावतु।
श्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा वक्ष: सदावतु।।
ऊं ह्रीं विद्यास्वरुपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्।
ऊं ह्रीं ह्रीं वाण्यै स्वाहेति मम पृष्ठं सदावतु।।
ऊं सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदावतु।
ऊं रागधिष्ठातृदेव्यै सर्वांगं मे सदावतु।।
ऊं सर्वकण्ठवासिन्यै स्वाहा प्राच्यां सदावतु।
ऊं ह्रीं जिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहाग्निदिशि रक्षतु।।
ऊं ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं सरस्वत्यै बुधजनन्यै स्वाहा।
सततं मन्त्रराजोऽयं दक्षिणे मां सदावतु।।
ऊं ह्रीं श्रीं त्र्यक्षरो मन्त्रो नैर्ऋत्यां मे सदावतु।
कविजिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहा मां वारुणेऽवतु।।
ऊं सदाम्बिकायै स्वाहा वायव्ये मां सदावतु।
ऊं गद्यपद्यवासिन्यै स्वाहा मामुत्तरेवतु।।
ऊं सर्वशास्त्रवासिन्यै स्वाहैशान्यां सदावतु।
ऊं ह्रीं सर्वपूजितायै स्वाहा चोध्र्वं सदावतु।।
ऐं ह्रीं पुस्तकवासिन्यै स्वाहाधो मां सदावतु।
ऊं ग्रन्थबीजरुपायै स्वाहा मां सर्वतोवतु।।
: बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को लगाएं इन चीजों का भोग, प्रसन्न होकर आशीर्वाद देंगी विद्या की देवी
Mon, Feb 12, 2024
बसंत पंचमी के पावन दिन पर सभी विद्या की देवी माता सरस्वती की आराधना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन माता को उनका पसंदीदा भोग लगाया जाए तो वो प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती हैं, जिससे जिंदगी में सकारात्मकता आती है और खूब तरक्की मिलती है। आइए आपको बताते हैं विद्या की देवी को कौन सी चीजों का भोग लग सकता है...
राजभोग
सनातन धर्म में मां सरस्वती की आराधना का विशेष महत्व है। कहते हैं कि माता सरस्वती को सफेद और पीली रंग की चीजों बहुत ज्यादा प्रिय हैं। बसंत का भी मुख्य रंग पीला ही होता है, तो इस दिन उन्हें प्रसन्न करने के लिए राजभोग का भोग लगा सकते हैं।
बूंदी के लड्डू
धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि मां सरस्वती को बूंदी बहुत ज्यादा प्रिय है। ऐसे में आप देवी शारदा और गुरु गृह का आशीर्वाद पाने के लिए बसंत पंचमी के दिन बूंदी के लड्डू या बूंदी का भोग लगाएं। आप बूंदी या इसके लड्डूओं का प्रसाद को गरीबों में बांट सकते हैं। इससे विद्या की देवी प्रसन्न होंगी।
केसर हलवा
सरस्वती पूजा में केसर का बहुत महत्व होता है। आप केसर का हलवा बनाकर देवी सरस्वती को भोग लगा सकते हो। ये एक पारंपरिक भोग है। मान्यता है कि इसका भोग लगाने से मां सरस्वती सारी तकलीफों को दूर करती है।
बेसन के लड्डूओं को सरस्वती पूजा में भोग के रूप में जरूर रखें। बेसन से बने लड्डू पूजा आदि शुभ कार्यों के लिए बड़े ही शुभ माने जाते हैं।
माता सरस्वती को अगर आप आसानी से घर से ही कुछ बनाकर भोग लगाने चाहते हैं तो नारियल की बर्फी अच्छा विकल्प है। नारियल और मेवे को मिलाकर आप बहुत जल्दी इस बर्फी को बना सकते हैं। मां सरस्वती को ये चढ़ाना बहुत ही शुभ माना जाता है।