Friday 7th of August 2026

ब्रेकिंग

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिनों तक भारी बारिश की संभावना, कई क्षेत्रों में अलर्ट जारी

CM साय हितग्राही महिलाओं के खातों में करेंगे राशि ट्रांसफर

कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रहे सौदागर

गंज थाने में शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धारा में अपराध दर्ज

सुचना

Welcome to the The News India Live, for Advertisement call +91-9406217841, 9407998418

वेदांता प्लांट हादसा : : एक और श्रमिक ने तोड़ा दम, बढ़ती जा रही मौतों की गिनती… आखिर कहां थमेगा सिलसिला?

Jagbhan Yadav

Sun, Apr 19, 2026

 सक्ती। वेदांता पावर प्लांट हादसे में गंभीर रूप से घायल मनीष कुमार ने उपचार के दौरान आज दम तोड़ दिया. रायगढ़ स्थित लखीराम मेडिकल कॉलेज में भर्ती झारखंड के रहने वाले मनीष कुमार की मौत के साथ हादसे में मृत श्रमिकों की संख्या 24 पहुंच गई है. वहीं गंभीर रूप से घायल 9 श्रमिकों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

बता दें कि वेदांता पावर प्लांट हादसे में पुलिस ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है. सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है. अनिल अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने पर भाजपा सांसद और जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर आपत्ति जताई थी.

घटना की जांच के लिए बनी विशेष टीम

इस बीच सक्ती जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई है, जिसमें पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है.

इसके पहले पुलिस और प्रशासन की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, बायलर के फर्नेस में अत्यधिक ईंधन जमा हो जाने से दबाव असामान्य रूप से बढ़ गया था. इसी दबाव के कारण बायलर का निचला पाइप अपनी जगह से हट गया और विस्फोट हो गया. वहीं फोरेंसिक टीम (एफएसएल) ने भी अपनी रिपोर्ट में अत्यधिक ईंधन संचय और दबाव को हादसे की मुख्य वजह बताया है.

गंभीर लापरवाही के आरोप

शुरुआती जांच में यह भी सामने आई है कि प्लांट में मशीनरी के रख-रखाव और संचालन के मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया. सुरक्षा उपायों में कमी और निगरानी की लापरवाही के चलते यह बड़ा हादसा हुआ, जिसके कारण 24 श्रमिकों की मौत हो गई. घायल 9 श्रमिकों का अभी ईलाज जारी है.

मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश

इस घटना की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी दोषी होंगे उन पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं मुख्यमंत्री साय ने मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है. PMO ने भी मुआवजे की घोषणा की है. PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे.

 

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें