BREAKING NEWS : आकाशीय बिजली का कहर, 12 मवेशियों की मौत
Sun, Jul 26, 2026
उदयपुर
। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत साल्ही में शनिवार को आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। तेज गर्जना और बारिश के बीच गिरी बिजली की चपेट में आने से 12 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृत मवेशियों में तीन बैल और नौ गाय शामिल हैं। इस घटना के बाद प्रभावित पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है। जानकारी के अनुसार शनिवार को अचानक क्षेत्र में मौसम ने करवट बदली। आसमान में बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान ग्राम साल्ही के बैगापारा क्षेत्र में चर रहे मवेशी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। बिजली गिरने से मौके पर मौजूद 12 मवेशियों ने कुछ ही देर में दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों के अनुसार घटना के समय मवेशी खुले स्थान पर चर रहे थे। अचानक गिरी आकाशीय बिजली से किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। बिजली का प्रभाव इतना तेज था कि तीन बैल और नौ गायों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मृत मवेशियों को देखकर पशुपालकों में चिंता और दुख का माहौल फैल गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन, राजस्व विभाग और पशुपालन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद संबंधित विभागों की टीम ने घटना की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित पशुपालकों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
पशुपालकों का कहना है कि मवेशी उनकी आजीविका का मुख्य आधार हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन पर भी निर्भर रहते हैं। ऐसे में एक साथ इतने मवेशियों की मौत से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि बैल खेती-किसानी के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जबकि गाय भी ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सहारा होती हैं। अचानक हुई इस घटना से पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने शासन से उचित राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि परिवारों को इस संकट से उबरने में मदद मिल सके।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार घटना की जांच और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया जाएगा। इसके बाद शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता राशि देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की जाती है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी जाती है। साल्ही गांव में हुई इस घटना के बाद प्रभावित परिवार प्रशासन से जल्द राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से हुए इस नुकसान की भरपाई के लिए शासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए। फिलहाल प्रशासन की टीम नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
नेशनल हाईवे-53 पर : हाईवे पेट्रोलिंग बनी जीवन रक्षक टीम
Sun, Jul 26, 2026
रायपुर
। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित हाईवे पेट्रोलिंग टीम लगातार प्रभावी भूमिका निभा रही है। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के अनुसार वर्ष 2026 के जनवरी से जून माह तक हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने 55 सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करते हुए 52 घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया, जिससे कई लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर हाईवे पेट्रोलिंग टीम 24 घंटे सक्रिय रहकर सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सहायता का कार्य कर रही है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंचती है और घायलों को प्राथमिक सहायता देने के साथ उन्हें नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने का काम करती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हाईवे पेट्रोलिंग का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं के बाद गोल्डन ऑवर में घायल व्यक्ति को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। समय पर उपचार मिलने से गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य के साथ हाईवे पेट्रोलिंग टीम लगातार राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगरानी रख रही है।
जनवरी से जून 2026 तक हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने सड़क दुर्घटनाओं के अलावा यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। टीम द्वारा सड़क पर अवैध रूप से खड़े वाहनों और यातायात में बाधा बनने वाली वस्तुओं को हटाने का अभियान चलाया गया। इस दौरान जून माह तक कुल 6,359 अवैध पार्किंग में खड़े वाहनों को हटाया गया। इसके अलावा सड़क पर घूम रहे 833 मवेशियों को सुरक्षित हटाकर दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया गया। हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने कई स्थानों पर यातायात जाम की स्थिति का भी त्वरित समाधान किया, जिससे आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिली।
सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा यातायात पुलिस रायपुर को चार नए आधुनिक हाईवे पेट्रोल वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इन वाहनों में आपातकालीन सहायता के लिए आवश्यक उपकरण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। नए वाहनों के शामिल होने से दुर्घटना स्थलों तक पहुंचने और राहत कार्य करने की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है। बेहतर निगरानी और तेज रिस्पॉन्स के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के खारुन नदी पुल से महानदी पुल तक के मार्ग को चार सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में हाईवे पेट्रोलिंग वाहन नियमित रूप से गश्त करते हैं।
पहले सेक्टर में खारुन नदी पुल से पचपेड़ी नाका चौक तक हाईवे पेट्रोलिंग वाहन तैनात है। दूसरे सेक्टर में पचपेड़ी नाका चौक से रिंग रोड-3 जंक्शन तक निगरानी की जा रही है। तीसरे सेक्टर में रिंग रोड-3 जंक्शन से लखोली टोल प्लाजा तक और चौथे सेक्टर में लखोली टोल प्लाजा से महानदी पुल तक हाईवे पेट्रोलिंग टीम सक्रिय है। पुलिस ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए चारों सेक्टरों के संपर्क नंबर भी जारी किए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त की जा सके। हाईवे पेट्रोलिंग टीम दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है।
पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और तेज रफ्तार व लापरवाही से वाहन चलाने से बचें। किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में तत्काल पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम को सूचना दें, ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर हाईवे पेट्रोलिंग की सक्रियता से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है। दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाना पुलिस की मानवीय सेवा और जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।
जैगूर में गूंजा ‘मन की बात’ : का संदेश, प्रधानमंत्री को सुनने उमड़ा जनसैलाब
Sun, Jul 26, 2026
रायपुर
। बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अंदरूनी क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत दरभा के जैगूर गांव में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया गया। प्रधानमंत्री के संदेश को सुनने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति, जनभागीदारी और विकास का उत्साह देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की।
उन्होंने भारतीय सैनिकों के शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी रक्षा उत्पादन, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की भी सराहना की।
वनाधिकार पत्र से ग्रामीणों को मिला भूमि पर अधिकार
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मंत्री कश्यप ने छह हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र वितरित किए। वनाधिकार पत्र मिलने से हितग्राहियों को अपनी भूमि पर वैधानिक अधिकार प्राप्त हुआ। उन्होंने नीट-2026 में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मंत्री कश्यप ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ करते हुए ग्रामीणों को तिरंगा भेंट किया। उन्होंने सभी लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने की अपील की।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत किया पौधारोपण
प्रधानमंत्री के आह्वान पर मंत्री कश्यप ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, जिला पंचायत सदस्य मैथियस कुजूर सहित जिला एवं जनपद पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर कलेक्टर विश्वदीप, डीएफओ डॉ. जाधव सागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमन कुमार झा सहित जिला पुलिस, वन विभाग और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम जनभागीदारी, राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।