आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत : गांव में पसरा मातम
Sun, Jul 26, 2026
मुंगेली
। जिले के बेलसरी गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खेत में धान रोपाई का काम कर रहे एक किसान की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृतक किसान की पहचान फलित राम साहू उम्र 29 वर्ष निवासी बेलसरी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही फास्टरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मोहडण्डा के आश्रित ग्राम बेलसरी निवासी फलित राम साहू पिता बोधन साहू रविवार दोपहर करीब 1 बजे अपने खेत में धान रोपाई का कार्य कर रहे थे। मानसून के मौसम में किसान खेतों में कृषि कार्य में जुटे हुए हैं। इसी दौरान अचानक मौसम में बदलाव आया और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। बताया जा रहा है कि बिजली सीधे किसान की चपेट में आ गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर खेत में गिर पड़े। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने जैसे ही बिजली गिरने की तेज आवाज सुनी, वे तुरंत घटनास्थल की ओर पहुंचे। ग्रामीणों ने किसान को बचाने और उपचार के लिए पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों को जैसे ही हादसे की सूचना मिली, वे मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार फलित राम साहू खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घटना की सूचना पर फास्टरपुर थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों एवं परिजनों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से पीड़ित परिवार को जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मृतक किसान परिवार की आजीविका का मुख्य साधन खेती था। ऐसे में परिवार को नियमानुसार मुआवजा और सहायता मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी से राहत मिल सकती है।
मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती हैं। प्रशासन ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि बारिश और गरज-चमक के समय खुले खेतों, ऊंचे स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने वाले किसानों को सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देकर प्राकृतिक आपदाओं से बचाव किया जा सकता है। मुंगेली जिले के बेलसरी गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल फास्टरपुर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं गांव में किसान की मौत के बाद शोक की लहर है।
प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ : में गूंजा कोरबा का जल संरक्षण मॉडल
Sun, Jul 26, 2026
रायपुर। जल संरक्षण के क्षेत्र में कोरबा जिले के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों को आज राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान मिली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 136वें एपिसोड में कोरबा नगर पालिक निगम द्वारा कैच द रेन अभियान के अंतर्गत किए जा रहे वर्षा जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख करते हुए इसे जल संवर्धन की प्रभावी पहल बताया। यह उपलब्धि कोरबा नगर पालिक निगम, जिला प्रशासन एवं जिलेवासियों के लिए गौरव का विषय है।
कैच द रेन’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन
कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन तथा नगर पालिक निगम, कोरबा के आयुक्त आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से अनेक नवाचारी एवं स्थायी पहल की गई हैं। ‘कैच द रेन’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत वर्षा जल का अधिकतम संचयन एवं भूजल स्तर में वृद्धि के लिए शहर में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। एसएएम-2.0 योजना के अंतर्गत शहर के 10 विभिन्न स्थानों पर रिचार्ज वेल का निर्माण कराया गया है। इनका निर्माण नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (इसरो) के तकनीकी विशेषज्ञों के परामर्श से इंजेक्ट वेल पद्धति के अनुसार किया गया है। इन रिचार्ज वेल के माध्यम से भारी वर्षा के दौरान सड़कों एवं नालियों में बहने वाले वर्षा जल को सीधे भूगर्भ में पहुंचाया जा रहा है, जिससे जल का अपव्यय रुक रहा है तथा भूजल स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।
1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित
नगर निगम ने वर्षा जल संचयन को जनभागीदारी से जोड़ते हुए शासकीय भवनों में 757 तथा निजी भवनों में 971, कुल 1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित कराए हैं। साथ ही भवन अनुज्ञा विभाग द्वारा जारी प्रत्येक भवन निर्माण अनुमति में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य प्रावधान के रूप में शामिल किया गया है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान
अनिवार्य इसके अतिरिक्त सामुदायिक भवनों, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों, आंगनबाड़ी भवनों, मंगल भवनों तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों के निर्माण में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में 109 निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
95 अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त बोरवेलों का चिन्हांकन कर रिचार्ज
भूजल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्थित 95 अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त बोरवेलों का चिन्हांकन कर उन्हें रिचार्ज संरचनाओं के रूप में विकसित करने के लिए री-ड्रिलिंग की कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे अनुपयोगी संसाधनों का उपयोग जल संरक्षण के लिए किया जा सकेगा। वाटर हार्वेस्टिंग पिट के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा
जल संरक्षण के साथ-साथ जिले में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने के लिए भी व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा कोरबा एवं कटघोरा वनमंडल में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है तथा वाटर हार्वेस्टिंग पिट के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कोरबा वनमंडल में इस वर्ष ढाई लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सभी शासकीय कार्यालयों के परिसरों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहन
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार जिले में 15 सितंबर तक एक पेड़ माँ के नाम सहित सघन वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम द्वारा 18 जुलाई को “रन फॉर ग्रीन कोरबा” का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की सहभागिता से पौधरोपण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके साथ ही बीबी-राम-जी अभियान के माध्यम से पौधों का वितरण कर सभी शासकीय कार्यालयों के परिसरों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में कोरबा के जल संरक्षण मॉडल का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में कोरबा के जल संरक्षण मॉडल का उल्लेख किया जाना इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय स्तर पर दूरदृष्टि, नवाचार और जनभागीदारी के साथ किए गए प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रेरणा बन सकते हैं। कोरबा नगर पालिक निगम का यह मॉडल अब जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अन्य नगरीय निकायों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में उभर रहा है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित कर वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाएं
कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं निगमायुक्त आशुतोष पांडेय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों, संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित कर वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाएं तथा जल संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत : विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
Sun, Jul 26, 2026
रायपुर। नो बैग डे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूली बच्चों का शैक्षणिक बोझ और मानसिक तनाव कम करने की एक पहल है, जिसमें छात्र बिना किताबों के स्कूल जाते हैं। इस दिन खेलकूद, कला, और रचनात्मक गतिविधियां कराई जाती हैं। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में शनिवार को नो बैग डे के अवसर पर पोषण वाटिका निर्माण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील के निर्देशन व मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यालय परिसर में पौधरोपण के साथ पोषण वाटिका के रख-रखाव के लिए विशेष श्रमदान किया गया।
यूथ एवं इको क्लब की अगुवाई में हुआ श्रमदान
संस्था प्रमुख सीमांचल त्रिपाठी ने बताया कि यूथ एवं इको क्लब की प्रभारी एम. टोप्पो के नेतृत्व में क्लब अध्यक्ष वर्षा राजवाड़े सहित छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने पोषण वाटिका से खरपतवार हटाकर पौधों की उचित देखभाल की और समाज को पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश दिया।
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रोपे गए पौधे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ माँ के नाम अभियान तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप शासकीय उद्यान दतिमा से पौधे प्राप्त किए गए। परिसर में नीम, पीपल, आम, पपीता, मुनगा एवं केला सहित विभिन्न प्रकार के फलदार व छायादार पौधे लगाए गए। इसके साथ ही पोषण वाटिका में बरबटी, लौकी और करेला की सब्जियों के बीज भी रोपे गए।
विद्यार्थियों के पोषण का जरिया बन रही वाटिका
संस्था प्रमुख ने बताया कि विद्यालय परिसर में पूर्व से ही आम, जामुन, कटहल, अमरूद, पपीता, केला और अनानास जैसे फलदार वृक्ष मौजूद हैं, जो विद्यार्थियों के दैनिक पोषण का मुख्य माध्यम बन रहे हैं। इस अवसर पर शिक्षक रिजवान अंसारी, सुमित्रा राजवाड़े, नान दईया तथा बाल कैबिनेट के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाकर कार्यक्रम को सफल बनाया।