ऑनलाइन ठगी : ‘टास्क पूरा करो, पैसा कमाओ’ स्कैम से 8 लाख रुपये ठगे गए
Tue, Jan 27, 2026
दुर्ग।
दुर्ग जिले के भिलाई में ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम और निवेश के नाम पर 8 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। भिलाई नगर थाना क्षेत्र के निवासी रवि कुमार को 27 दिसंबर 2025 को टेलीग्राम के माध्यम से एक वर्क फ्रॉम होम का मैसेज मिला। लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्हें व्हाट्सएप और फिर टेलीग्राम चैनल
5123 वर्क एंड लाईफ (स्पेशलिटी रेस्टोरेंट लिमिटेड)
से जोड़ा गया। आरोपियों ने उन्हें ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर अधिक मुनाफा देने का झांसा दिया।
भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने दो बार छोटे-छोटे भुगतान रवि के खाते में भेजे। इसके बाद, उन्हें 10 हजार रुपए निवेश करने पर 50 प्रतिशत लाभ का लालच दिया गया। धीरे-धीरे निवेश की राशि बढ़ाई गई; कभी 46 हजार तो कभी 1,02,350 रुपए ‘स्पेशल टास्क’ और आठ गुना कमिशन के नाम पर जमा करवाए गए।
आरोपियों ने गोल्ड गिरवी रखकर भी राशि जुटाने का दबाव बनाया। 31 दिसंबर 2025 तक ‘स्पेशल डिश’ के नाम पर 2,53,850 रुपए और जनवरी 2026 में 4 लाख रुपए जमा कराए गए। जब पीड़ित ने मुनाफा सहित राशि निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने क्रेडिट स्कोर सुधार के नाम पर 4 लाख रुपए और मांग लिए। इस दौरान फोन बंद मिलने लगे और केवल मैसेज के जरिए पैसे जमा करने का दबाव बनाया गया।
25 जनवरी को पीड़ित ने भिलाई नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि यह मामला संगठित ऑनलाइन ठगी से जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब जिन बैंक खातों में राशि ट्रांसफर हुई, उनका पता लगा रही है। साथ ही टेलीग्राम चैनल, व्हाट्सएप नंबर और यूपीआई आईडी की तकनीकी जांच की जा रही है।
नियद नेल्लानार : गांवों के 14 ग्रामीणों के जीवन में आई रोशनी
Tue, Jan 27, 2026
रायपुर।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के “सुशासन“ और “अंत्योदय“ के संकल्प को साकार करते हुए सुकमा जिले के दूरस्थ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार निरंतर जारी है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में जिले के 14 मोतियाबिंद मरीजों का सफल उपचार कराकर उनके जीवन में नई रोशनी लाई गई है।
शासन की महत्वाकांक्षी “नियद नेल्लानार“ (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से कोंटा विकासखंड में स्थित दूरस्थ गांव मुकर्रम, पटेलपारा, सरपंचपारा और किस्टाराम जैसे पहुंचविहीन क्षेत्रों के मरीजों की पहचान की गई थी। इन चिन्हित 14 मरीजों को जिला प्रशासन द्वारा विशेष वाहन की व्यवस्था कर बेहतर उपचार हेतु जगदलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहाँ उनका सफल ऑपरेशन संपन्न हुआ।
ऑपरेशन के पश्चात सभी मरीजों को आई असिस्टेंट की देखरेख में जगरगुंडा और किस्टाराम से सुरक्षित जिला अस्पताल सुकमा लाया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, मरीजों की रिकवरी और बेहतर फॉलो-अप के लिए उन्हें अगले 4 दिनों तक जिला अस्पताल में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा जाएगा। इस दौरान मरीजों के ठहरने और भोजन की निरूशुल्क व्यवस्था जिला प्रशासन के द्वारा की गई है।स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन का यह प्रयास दर्शाता है कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से अब शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सुदूर वनांचलों के अंतिम व्यक्ति तक सीधे पहुँच रही हैं। स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने वाले मरीजों ने इस संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।