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: सी-मार्ट और मदर्स मार्केट में लटका ताला : भाजपा ने करोड़ों के भ्रष्टाचार का लगाया आरोप, कांग्रेस ने कहा- BJP नहीं दिखा रही कोई रूचि

Jagbhan Yadav

Sun, Jul 7, 2024

जगभान यादव , भिलाई । छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए भिलाई में सी-मार्ट और मदर्स मार्केट की शुरुआत की थी. लेकिन अब यहां ताला लटकता नजर आ रहा है. जहां सी-मार्ट पूरी तरह बंद हो गया है. वहीं मदर्स मार्केट में महिला स्व सहायता समूहों का कब्जा तो है, लेकिन दुकानों के शटर में ताला लटका रहा है. विधायक देवेंद्र यादव और महापौर नीरज पाल ने लगभग 4 करोड़ रूपये खर्च कर मदर्स मार्केट का रिनोवेशन कराया. बड़े ही तामझाम के साथ बड़ी उपलब्धि के रूप में इसका लोकार्पण भी पूर्व सीएम के हाथों कराया गया. लेकिन अब ये करोड़ों रूपये बेकार होते नजर आ रहे हैं.

दरअलस, मदर्स मार्केट की दुकानों को उन महिला समूहों को दिया गया है, जो महिला स्वसहायता समूहों के रूप में घरेलू चीजों जैसे हस्तशिल्प, बड़ी पापड़, आचार, साबुन, निरमा, अगरबत्ती, शहद हैंडलूमस का निर्माण करती हैं और उसे यहां लाकर बेचती हैं. लेकिन इसके उद्घाटन के बाद महीने दो से चार महीने ही मुश्किल से दुकानें चली. इसके बाद ग्राहक आना बंद हो गए. सी-मार्ट की बात करें तो सी-मार्ट में ताला लग चुका है. अब यह महिलाओं के रोजगार का नहीं बल्कि नशेड़ियों का अड्‌डा बन चुका है. नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि मदर मार्केट और सी-मार्ट के नाम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार किया गया है.

आंकड़ों की बात करें तो इस शी-मार्ट और मदर्स मार्केट के जरिए 35 हजार महिलाओं को रोजगार देने की बात कही गई थी. वहीं करीब 4 करोड़ की लागत से यह दोनों तैयार किए गए थे. जिसमें से मदर्स मार्केट की 21 दुकानों को लॉटरी के माध्यम से स्वसहायता समूहों को दिया गया था, लेकिन दो महीने में ही महिलाएं दुकानों में ताला बंद कर चली गई.

निगम के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकार ने सी-मार्ट की योजना लाकर करोड़ों रुपये खर्च करके महिलाओं को रोजगार देने का दावा किया गया था पर आज वह धरातल पर कहीं नहीं है. यह सी-मार्ट या मदर्स मार्केट नहीं बल्कि कांग्रेस विधायक की चुनाव की मार्केट थी. कार्यकर्ता इकट्ठा करने के लिए 5 हजार महिलाओं को स्वरोजगार का सपना दिखाया गया और आज उन्हें दुकान छोड़कर जाना पड़ रहा है.

वहीं दूसरी ओर इन आरोपों के बीच नगर निगम के महापौर नीरज पाल ने कहा कि सी-मार्ट महिलाओं को स्वालंबी बनाने की अच्छी योजना थी. लेकिन सरकार बदलने के बाद भाजपा सरकार ने इसमें रूचि ही नहीं दिखाई और यह बंद हो गए. क्योंकि सी-मार्ट में जो उत्पाद आते थे, वह गांवों और वनांचल से आते थे, लेकिन जब गांव के समूहों को ही सहायता नहीं मिलेगी तो वे उत्पाद कैसे तैयार करेंगे.

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