: कुम्हारी टोल प्लाजा पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन: अधिकारियों को 'बेशर्म का फूल', आम जनता को गुलाब भेंट...
Sun, Apr 20, 2025
कुम्हारी न्यूज़
: रायपुर। कुम्हारी टोल प्लाजा में कथित अवैध वसूली के खिलाफ कांग्रेस ने रविवार को एक अलग ही अंदाज़ में प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक इकट्ठा हुए और टोल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला। प्रदर्शनकारियों ने इस अभियान को भारतीय जनता पार्टी गब्बर सिंह टैक्स वसूली का नाम देते हुए बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया।
इस विरोध में टोल प्लाजा के कर्मचारियों और अधिकारियों को बेशर्म का फूल सौंपा गया, जबकि आम जनता को सम्मान के तौर पर गुलाब का फूल देकर उनके साथ एकजुटता जताई गई। इस प्रदर्शन के चलते दोपहर की तेज धूप में करीब दो घंटे तक चक्का जाम जैसी स्थिति बन गई।
विकास उपाध्याय ने कहा कि कुम्हारी टोल प्लाजा की समय-सीमा खत्म हो चुकी है, फिर भी जबरन वसूली जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि रायपुर और दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के वाहनों को छूट देने का वादा सिर्फ दिखावा था, क्योंकि फास्टैग सिस्टम की वजह से अब भी इनसे पैसे काटे जा रहे हैं। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि बार-बार टेंडर प्रक्रिया के जरिए टोल की अवधि को बढ़ाकर अपनी जेबें भरी जा रही हैं।
पूर्व विधायक ने यह भी बताया कि उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर टोल प्लाजा को हटाने संबंधी चर्चा के लिए समय मांगा था, लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक यह टोल प्लाजा बंद नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन के जरिए सड़क पर संघर्ष करती रहेगी।
कुछ दिन पहले उपाध्याय ने एनएचएआई कार्यालय पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से टोल हटाने को लेकर बातचीत की थी, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसी कारण से उन्होंने केंद्रीय मंत्री से सीधी बातचीत के लिए समय की मांग की है, ताकि उन्हें जमीनी सच्चाई से अवगत कराया जा सके। उपाध्याय ने यह भी दोहराया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर दिल्ली तक प्रदर्शन करेगी और अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पर हो रही अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है। नितिन गडकरी द्वारा 19 मार्च 2021 को संसद में दिए गए बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश भर में सभी टोल नाकों को हटाकर जीपीएस आधारित टैक्स प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही, उन्होंने घोषणा की थी कि 60 किलोमीटर की परिधि में सिर्फ एक ही टोल नाका होना चाहिए। लेकिन छत्तीसगढ़ के दुर्ग, राजनांदगांव, कुम्हारी और मंदिरहसौद टोल प्लाज़ा की दूरी देखकर साफ होता है कि इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है।
केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए उपाध्याय ने कहा कि सड़कें बनाना अच्छी बात है, लेकिन इसके बहाने आम जनता की जेब काटना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 20 से अधिक टोल प्लाजा चल रहे हैं, जबकि जनता वाहन खरीदते समय ही रोड टैक्स अदा कर रही है। ऐसे में दोहरी वसूली उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि महंगाई की मार झेल रही जनता को राहत देने के बजाय सरकार उन्हें और अधिक आर्थिक बोझ में धकेल रही है। उन्होंने कहा कि यह जनविरोधी नीति है और कांग्रेस इसका हर स्तर पर विरोध करती रहेगी।
: भाकपा (माले)लिबरेशन और अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) द्वारा बाबा साहब अंबेडकर की 134 में जयंती के अवसर पर डॉक्टर अंबेडकर और आज की चुनौतियां
Thu, Apr 17, 2025
भिलाई : दिनांक 15 अप्रैल 2025
भाकपा (माले)लिबरेशन और अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) द्वारा बाबा साहब अंबेडकर की 134 में जयंती के अवसर पर *डॉक्टर अंबेडकर और आज की चुनौतियां* विषय पर एक संवाद का आयोजन 14 अप्रैल 2025 को भैरव बस्ती,शारदा पारा,भिलाई में किया गया ।
संवाद की शुरुआत बाबासाहेब डॉ अंबेडकर की फोटो पर माल्यार्पण से की गई।तत्पश्चात संविधान की उद्देशिका का पाठ किया गया। भाजपा शासन में संविधान व लोकतंत्र पर बढ़ रहे हमलों के खिलाफ लड़ाई को तेज करने का आह्वान किया गया।
गोष्ठी में असंवैधानिक- सांप्रदायिक वक्फ संशोधन कानून को वापस लेने की मांग की गई तथा ज्योतिबा फुले पर बनी फिल्म पर रोक लगाने की निंदा की गई। भैरव बस्ती, शारदापारा में पानी की समस्या पर रोष जाहिर किया गया।
बैठक में कहा गया कि आज अंबेडकर को याद करने का मतलब है कि उनके विचारों और संविधान की रक्षा करना ।आज सत्ता में ऐसी सरकार है जो आजादी, समता व बंधुत्व के उलट इस देश में असमानता, नफरत और तानाशाही को स्थापित करने में लगी हुई है ।हमें स्वाधीन भारत ,जनतंत्र ,धर्मनिरपेक्षता संप्रभुता और समाजवाद की दिशा में तथा जाति, धर्म , नस्ल जेंडर, वर्ग आदि आधारों पर शोषण उत्पीड़न से मुक्ति की गारंटी करते हुए आगे बढ़ने का संकल्प लेने की जरूरत है।
संवाद में आर पी गजेंद्र, वासकी प्रसाद उन्मत, ए बी सिंह ,सनी कुमार साहू, दीनानाथ प्रसाद, अशोक मिरी, निर्मला गायकवाड़ ,मंजू कुर्रे, जुबरी बाई टंडन, तजनीन टंडन ,के पी सिंह,आशा अड़कणे, ज्ञानेंद्र गायकवाड़, डाली सारथी ,रामबाई मरकाम, नोहर लाल बंजारे, दुर्वासा बघेल, किरण धृतलहरे, राधिका बघेल, राजकुमार धृतलहरे , ओम दास मारकंडे, सती बाई रात्रे, बृजेन्द्र तिवारी आदि लोगों ने हिस्सा लिया।