: छत्तीसगढ़ पुलिस में तुरुप का इक्का और बेसिक पोलिसिंग के एक्सपर्ट माने जाते है IPS विजय अग्रवाल, दुर्ग की फिजा से अच्छी तरह वाकिफ है
Mon, Apr 21, 2025
दुर्ग@
राज्य सरकार ने रविवार को दुर्ग सहित ग्यारह जिलों के पुलिस अधीक्षकों सहित 20 आईपीएस अधिकारियों का तबादला आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश के जारी होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा दुर्ग जिले के नए कप्तान विजय अग्रवाल की हो रही है जिन्हें पिछले सरकार में वीवीआईपी जिला रहे दुर्ग में पोस्टिंग दी गई है। आईपीएस विजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ पुलिस में तुरुप का इक्का कहा जा सकता है। हम ऐसे ही उन्हें तुरुप का इक्का नहीं कह रहे है इसके पीछे का ये सच आप भी जानिए।
राज्य में जब भी कोई बड़ी या गंभीर घटना होती है तो विजय अग्रवाल को वहां भेजा जाता है। बीजेपी की सरकार के समय 2018 में बिलासपुर में कांग्रेस नेताओं पर लाठी चार्ज हुआ था तब एडिशनल एसपी का ट्रांसफर समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियो के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। इसके बाद कोई पुलिस अधिकारी बिलासपुर जाना नहीं चाहता था। क्योंकि, वहां कांग्रेस नेताओं द्वारा बडा प्रदर्शन चल रहा था। तब रमन सरकार ने विजय अग्रवाल को भेजा।
पिछली कांग्रेस सरकार में वे जशपुर एसपी थे। जांजगीर में भीम आर्मी का प्रदर्शन और चक्का जामा चल रहा था, तब वहां के एसपी को हटाकर विजय अग्रवाल को जांजगीर भेजा गया। जांजगीर चांपा जैसे जिले में विजय अग्रवाल सब कुछ ठीक कर दिया। कांग्रेस नेताओं के झगड़े में अंबिकापुर की पोलिसिंग ध्वस्त हो गई थी। तब जनवरी 2024 में विष्णुदेव सरकार ने विजय अग्रवाल को अंबिकापुर एसपी बनाकर भेजा था, जहां पहुंचते उन्होंने सब कुछ ठीक कर दिया फिर जून 2024 में ही बलौदा बाजार कलेक्टर परिसर में आगजनी और तोड़फोड़ हुई उसके बाद साय सरकार ने वहां के कलेक्टर-एसपी को हटा दिया। बलौदा बाजार हिंसा के बाद मुख्यमंत्री निवास में हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई थी। इसमें नए एसपी पर भी चर्चा हुई। सभी ने एक सूर में विजय अग्रवाल का नाम सुझाया था।
आईपीएस विजय अग्रवाल जशपुर के एडिशनल एसपी और एसपी भी रह चुके है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय उनकी वर्किंग को पर्सनल जानते भी हैं। तभी सरकार बदलने के बाद भी उन्हें जांजगीर चांपा से चुनौतीपूर्ण जिला अंबिकापुर का दायित्स सौंपा गया था और बलौदा बाजार के हालात को देखते हुए उन्होंने वहां भेजने में तनिक भी देरी नहीं लगाई गई।
आईपीएस विजय अग्रवाल बेसिक पुलिसिंग के एक्सपर्ट माने जाते है, इंवेस्टिगेशन में भी उनकी अच्छी खासी पकड़ है। उन्होंने कई गंभीर मामलों का पर्दाफाश किया है। दुर्ग जिला उनके लिए कोई नया नहीं है। वे दुर्ग जिला की फिजा से अच्छी तरह वाकिफ है। वे दुर्ग में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) के पद पर कार्य कर चुके है साथ ही वे भिलाई स्थित प्रथम वाहिनी में कमांडेंट भी रह चुके है। एसपी के तौर पर दुर्ग उनका पांचवां जिला है।
: कुम्हारी टोल प्लाजा पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन: अधिकारियों को 'बेशर्म का फूल', आम जनता को गुलाब भेंट...
Sun, Apr 20, 2025
कुम्हारी न्यूज़
: रायपुर। कुम्हारी टोल प्लाजा में कथित अवैध वसूली के खिलाफ कांग्रेस ने रविवार को एक अलग ही अंदाज़ में प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक इकट्ठा हुए और टोल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला। प्रदर्शनकारियों ने इस अभियान को भारतीय जनता पार्टी गब्बर सिंह टैक्स वसूली का नाम देते हुए बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया।
इस विरोध में टोल प्लाजा के कर्मचारियों और अधिकारियों को बेशर्म का फूल सौंपा गया, जबकि आम जनता को सम्मान के तौर पर गुलाब का फूल देकर उनके साथ एकजुटता जताई गई। इस प्रदर्शन के चलते दोपहर की तेज धूप में करीब दो घंटे तक चक्का जाम जैसी स्थिति बन गई।
विकास उपाध्याय ने कहा कि कुम्हारी टोल प्लाजा की समय-सीमा खत्म हो चुकी है, फिर भी जबरन वसूली जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि रायपुर और दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के वाहनों को छूट देने का वादा सिर्फ दिखावा था, क्योंकि फास्टैग सिस्टम की वजह से अब भी इनसे पैसे काटे जा रहे हैं। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि बार-बार टेंडर प्रक्रिया के जरिए टोल की अवधि को बढ़ाकर अपनी जेबें भरी जा रही हैं।
पूर्व विधायक ने यह भी बताया कि उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर टोल प्लाजा को हटाने संबंधी चर्चा के लिए समय मांगा था, लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक यह टोल प्लाजा बंद नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन के जरिए सड़क पर संघर्ष करती रहेगी।
कुछ दिन पहले उपाध्याय ने एनएचएआई कार्यालय पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से टोल हटाने को लेकर बातचीत की थी, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसी कारण से उन्होंने केंद्रीय मंत्री से सीधी बातचीत के लिए समय की मांग की है, ताकि उन्हें जमीनी सच्चाई से अवगत कराया जा सके। उपाध्याय ने यह भी दोहराया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर दिल्ली तक प्रदर्शन करेगी और अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पर हो रही अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है। नितिन गडकरी द्वारा 19 मार्च 2021 को संसद में दिए गए बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश भर में सभी टोल नाकों को हटाकर जीपीएस आधारित टैक्स प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही, उन्होंने घोषणा की थी कि 60 किलोमीटर की परिधि में सिर्फ एक ही टोल नाका होना चाहिए। लेकिन छत्तीसगढ़ के दुर्ग, राजनांदगांव, कुम्हारी और मंदिरहसौद टोल प्लाज़ा की दूरी देखकर साफ होता है कि इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है।
केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए उपाध्याय ने कहा कि सड़कें बनाना अच्छी बात है, लेकिन इसके बहाने आम जनता की जेब काटना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 20 से अधिक टोल प्लाजा चल रहे हैं, जबकि जनता वाहन खरीदते समय ही रोड टैक्स अदा कर रही है। ऐसे में दोहरी वसूली उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि महंगाई की मार झेल रही जनता को राहत देने के बजाय सरकार उन्हें और अधिक आर्थिक बोझ में धकेल रही है। उन्होंने कहा कि यह जनविरोधी नीति है और कांग्रेस इसका हर स्तर पर विरोध करती रहेगी।