कराची में आग का कहर : 79 मौतों के बाद भी नहीं थमा खतरा, साजिश के एंगल से जांच तेज
Jagbhan Yadav
Sun, Feb 8, 2026
International Desk: पाकिस्तान के कराची में पिछले महीने गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में लगी भीषण आग के बाद देश के इस सबसे बड़े शहर में आग लगने की घटनाएं प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई हैं और इन घटनाओं में किसी साजिश या जानबूझकर किए गए कृत्य की आशंका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। शुक्रवार को शहर के विभिन्न हिस्सों से कम से कम पांच जगह आग लगने की घटनाएं सामने आईं। वहीं, धाबेजी स्थित मुख्य जल पंपिंग स्टेशन की एक पाइपलाइन विस्फोट में क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे लाखों निवासियों की जलापूर्ति बाधित हो गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जुबैर नजीर शेख ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां और अग्निशमन विभाग के अधिकारी स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं तथा आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं, जिसमें किसी साजिश की आशंका भी शामिल है। आग की घटनाओं को लेकर चिंता 17 जनवरी को सदर वाणिज्यिक क्षेत्र में स्थित गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में लगी भीषण आग के बाद उत्पन्न हुई है। इस हादसे में पूरी इमारत जलकर खाक हो गई थी और कम से कम 79 लोगों की जान चली गई थी। आग पर काबू पाने में दो दिन लगे थे, जबकि एक सप्ताह तक चले बचाव अभियान में मलबे से दर्जनों शव बरामद किए गए थे। शुक्रवार को लांधी निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र में एक प्लास्टिक फैक्टरी में आग लग गई।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी हुमायूं खान ने बताया कि आग बुझाने के लिए 12 दमकल गाड़ियां तैनात की गईं। आग तेजी से फैलकर पास के गोदामों और कारखानों तक पहुंच गई। उन्होंने कहा, ''गुल प्लाजा हादसे के बाद लोग अधिक सतर्क हो गए हैं और व्यावसायिक इमारतों तथा कारखानों में अग्नि सुरक्षा कवायदों के प्रति जागरूकता बढ़ी है, इसलिए किसी की जान नहीं गई।'' अधिकारियों के अनुसार, गुल प्लाजा त्रासदी के बाद कराची में लगभग रोजाना आग लगने की खबरें आ रही हैं, जिससे निवासियों की चिंता बढ़ गई है और प्रशासन को सतर्कता तथा सुरक्षा उपायों को मजबूत करना पड़ा है।
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