MP में ई-अटेंडेंस को लेकर सख्ती : 134 शिक्षकों पर कार्रवाई, नोटिस जारी
Fri, Dec 19, 2025
गुना।
मध्यप्रदेश में स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लागू किए गए ई-अटेंडेंस सिस्टम को लेकर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। गुना जिले में ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करने वाले 134 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने उन्हें नोटिस जारी किए हैं।
यह कार्रवाई शिक्षा पोर्टल 3.0 से प्राप्त ऑनलाइन डाटा के आधार पर की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासन की इस अनिवार्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
75% शिक्षक कर रहे पालन, 2300 अब भी लापरवाह
गुना जिले में शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों सहित कुल 9477 कर्मचारी पदस्थ हैं। इनमें से करीब 75 प्रतिशत शिक्षक नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं, जबकि लगभग 2300 शिक्षक अब भी इस प्रणाली का पालन नहीं कर रहे। पहले चरण में उन शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है, जिन्होंने एक बार भी ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की। ऐसे सभी 134 शिक्षकों को तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
“लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त” – डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश गोयल ने कहा कि ई-अटेंडेंस शासन की अनिवार्य व्यवस्था है। यदि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
रोजाना हो रही निगरानी, आगे भी चलेगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग द्वारा रोजाना पोर्टल के माध्यम से रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है। आने वाले दिनों में ई-अटेंडेंस नहीं लगाने वाले शेष शिक्षकों की पहचान कर चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी, ताकि स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था सुचारु और पारदर्शी बनी रहे।
तकनीकी दावों की होगी जांच
कई शिक्षकों ने नेटवर्क समस्या, मोबाइल या ऐप से जुड़ी तकनीकी खराबी का हवाला दिया है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने भौतिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभागीय दल गठित किए जाएंगे, जो स्कूलों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे। तकनीकी खामी पाए जाने पर मौके पर ही सुधार की कार्रवाई की जाएगी।
मध्यप्रदेश नक्सल मुक्त : 35 साल का लाल आतंक खत्म, विकास को नई उड़ान
Tue, Dec 16, 2025
भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने लगभग 35 साल नक्सलवाद का दंश झेला। यह एक बड़ी चुनौती थी, पर राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और नक्सल विरोधी अभियान में शामिल जवानों की प्रतिबद्धता से 11 दिसंबर 2025 को नक्सलवाद प्रदेश के नक्शे से पूरी तरह मिटा दिया गया। यह दिन प्रदेश में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद को समूल खत्म करना हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। नक्सलवाद और लाल आतंक देश के हर हिस्से में विकास आधारित गतिविधियों में बाधक था। इससे आम नागरिकों में इसके कारण भय का माहौल होता था। ऐसे में नक्सलियों और नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही।
पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने बालाघाट में अंतिम दो नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराया और मध्यप्रदेश ने लाल सलाम को आखिरी सलाम कर दिया। अब इससे प्रभावित क्षेत्रों में विकास को एक नई दिशा और एक नई रफ्तार मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में विकास को गति देने के लिए मध्यप्रदेश में दशकों से चली आ रही नक्सलवाद की समस्या से खत्म करना अति आवश्यक था। मध्यप्रदेश ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह द्वारा देश से नक्सलवाद के खात्मे के लिए तय डेडलाइन से करीब साढ़े तीन महीने पहले ही यह ऐतिहासिल उपलब्धि हासिल कर ली है। नक्सलवादियों के एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) में 42 दिन में 42 नक्सलवादियों ने समर्पण कर विकास की धारा से जुड़ना स्वीकार किया है। वहीं, प्रदेश में वर्ष 2025 में 10 हार्डकोर माओवादियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सफलता का श्रेय राज्य के बहादुर पुलिस अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षाबलों को दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष योजना बनाई है। साथ ही प्रदेश में अब एक ऐसा तंत्र भी विकसित किया जाएगा, जिससे दोबारा मध्यप्रदेश की धरती पर नक्सलवादी या अन्य अतिवादी मूवमेंट खड़े न हो पाएं। इसके लिए सभी पड़ोसी राज्यों के साथ भी जरूरी समन्वय किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में वर्ष 1988-90 से नक्सली गतिविधियों की शुरुआत हुई थी।
नक्सलियों ने आम नागरिकों को डरा-धमकाकर परेशान किया और सरकार के विकास कार्यों में भी रुकावटें डालीं। नक्सली पुलिस की बसों को भी आग के हवाले कर देते थे। नक्सलियों ने विपक्षी दल की सरकार में मंत्री रहे श्री लिखीराम कावरे की बालाघाट जिले में उनके घर से निकालकर सरेआम हत्या कर दी थी। प्रदेश में 35 सालों के लंबे समय तक नक्सलियों से संघर्ष जारी रहा, जिसमें कई आम नागरिक और पुलिस व सुरक्षाबलों के जवानों को अपने प्राण गंवाने पड़े।
नक्सलवाद उन्मूलन अभियान के कुछ प्रमुख तथ्य
मध्यप्रदेश में वर्ष 1988 से 1990 के बीच नक्सल गतिविधियों की शुरुआत हुई थी। प्रदेश में मंडला, डिंडौरी और बालाघाट नक्सल प्रभावित जिले रहे।
राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मंडला और डिंडौरी के लिए विशेष सहयोगी दस्ते के 850 पद स्वीकृत किए।
नक्सलियों को हथियार डालकर जीवन से जुड़ने का अवसर देने के लिए राज्य सरकार ने 'पुनर्वास से पुनर्जीवन' अभियान प्रारंभ किया।
सरकार की इसी पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर दिसंबर 2025 में करीब 2.36 करोड़ रुपए की इनामी राशि वाले 10 नक्सलियों ने पुलिस लाईन, बालाघाट में सरेंडर कर दिया।
11 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश ने 35 वर्षों से चले आ रहे लाल आतंक को समाप्त कर नक्सल मुक्त बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
वर्ष 2025 में नक्सल विरोधी अभियानों में 16 मुठभेड़ों/एक्सचेंज ऑफ फायर में 13 हार्डकोर नक्सली मारे गए और एक की गिरफ्तारी हुई।
जून 2025 में बालाघाट में हुई मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए, इनमें 3 महिलाएं शामिल थीं। इनके कब्जे से ऑटोमैटिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट पहुंचकर नक्सलियों का खात्मा करने वाले पुलिस के सिपाहियों और अधिकारियों को पदोन्नति देकर सम्मानित किया।
नक्सल विरोधी अभियान में राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों ने अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन कर नक्सलवाद की दशकों से चली आ रही समस्या का सफाया कर दिया।
“सरदार वल्लभ भाई पटेल : की पुण्यतिथि पर अपना दल (एस) ने दी श्रद्धांजलि”
Mon, Dec 15, 2025
मध्य प्रदेश,दिसंबर 2025 :
लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि के अवसर पर अपना दल (एस) मध्य प्रदेश इकाई द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में उनकी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में अतुलनीय योगदान को स्मरण किया। यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केन्द्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी श्री आर. बी. सिंह पटेल ने कहा कि “सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता के लिए जो ऐतिहासिक कार्य किए, वे सदैव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और मजबूत नेतृत्व से सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर आधुनिक भारत की नींव रखी। आज आवश्यकता है कि हम उनके आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्रहित में कार्य करें।”
इस अवसर पर पार्टी नेताओं ने संकल्प लिया कि सरदार पटेल के विचारों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य निरंतर किया जाएगा।