: छत्तीसगढ़ के 52 नए स्कूल पीएम श्री योजना में शामिल
Thu, Jul 11, 2024
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा विभाग के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के 52 नए स्कूलों को पीएम श्री योजना में शामिल कर लिया है। इस योजना के तीसरे चरण में इन नए स्कूलों को चुना गया है। अब तक राज्य के कुल 263 स्कूलों का चयन हो चुका है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम, विज्ञान और गणित के लिए अत्याधुनिक लैब्स, खेल सुविधाएं और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएगी।
कक्षा पहली से 12वीं के लिए 47 स्कूलों को मंजूरी
केंद्र सरकार ने प्रदेश के 52 स्कूलों में से पहली से 12वीं तक की 47 स्कूलों और कक्षा 6वीं से 12वीं तक की 5 विद्यालयों को शामिल किया हैं। पीएम श्री के तहत चुने जा रहे इन स्कूल को बेहतर और स्मार्ट स्कूल के रूप में डेवलप किया जाएगा।
पहले चरण में 200 से ज्यादा स्कूल चुने गए थे
छत्तीसगढ़ राज्य में पीएम श्री योजना की शुरुआत 19 फरवरी 2024 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान ने किया था। छत्तीसगढ़ राज्य में पहले चरण में 211 शालाओं को पीएम श्री योजना में शामिल किए जाने की मंजूरी मिली थी। स्कूल के विकास के लिए सरकार उन्हें 2-2 करोड़ रुपए भी देगी।
छत्तीसगढ़ के 52 स्कूलों को पहले चरण में अपडेट करने के लिए चुना गया है।
पीएम श्री स्कूल बनेंगे स्मार्ट
पीएम श्री स्कूल अब स्मार्ट स्कूल बनेंगे। इनमें नई शिक्षा नीति के तहत सीखने पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। 75% केंद्र और 25% राज्य सरकार के मापदंड पर स्कूल संचालित होंगे। पीएम श्री स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम, खेल सुविधाएं और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा।
आईसीटी, डिजिटल क्लास रूम्स भी
विद्यार्थियों को इन स्कूलों में आईसीटी और डिजिटल क्लास रूम भी मिलेगा, ताकि उनके शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाया जा सके। इन स्कूलों के विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा और स्थानीय उद्योगों के साथ इंटर्नशिप और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ा जाएगा।
पढ़ने-पढ़ाने के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी
कम्प्यूटर लैब, लेबोरेटरी, लाइब्रेरी और अन्य जगहों पर भी पढ़ने-पढ़ाने के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी होगी। ये स्कूल पूरी तरह से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप होंगे। चयनित स्कूल मॉडल स्कूल बनेंगे। पर्यावरण के अनुकूल जरूरी काम होंगे।
प्राइमरी के बाद क्रमबद्ध तरीके से मिडिल हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों को भी पीएम श्री मॉडल स्कूलों में शामिल करने की तैयारी है। इसमें स्मार्ट क्लास रूम, प्ले ग्राउंड, कम्प्यूटर, लाइब्रेरी के लिए केन्द्र सरकार स्कूल के वर्क प्लान के अनुसार बजट यानी पैसा मिलेगा।
: छत्तीसगढ़ के 52 नए स्कूल पीएम श्री योजना में शामिल
Thu, Jul 11, 2024
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा विभाग के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के 52 नए स्कूलों को पीएम श्री योजना में शामिल कर लिया है। इस योजना के तीसरे चरण में इन नए स्कूलों को चुना गया है। अब तक राज्य के कुल 263 स्कूलों का चयन हो चुका है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम, विज्ञान और गणित के लिए अत्याधुनिक लैब्स, खेल सुविधाएं और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएगी।
कक्षा पहली से 12वीं के लिए 47 स्कूलों को मंजूरी
केंद्र सरकार ने प्रदेश के 52 स्कूलों में से पहली से 12वीं तक की 47 स्कूलों और कक्षा 6वीं से 12वीं तक की 5 विद्यालयों को शामिल किया हैं। पीएम श्री के तहत चुने जा रहे इन स्कूल को बेहतर और स्मार्ट स्कूल के रूप में डेवलप किया जाएगा।
पहले चरण में 200 से ज्यादा स्कूल चुने गए थे
छत्तीसगढ़ राज्य में पीएम श्री योजना की शुरुआत 19 फरवरी 2024 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान ने किया था। छत्तीसगढ़ राज्य में पहले चरण में 211 शालाओं को पीएम श्री योजना में शामिल किए जाने की मंजूरी मिली थी। स्कूल के विकास के लिए सरकार उन्हें 2-2 करोड़ रुपए भी देगी।
छत्तीसगढ़ के 52 स्कूलों को पहले चरण में अपडेट करने के लिए चुना गया है।
पीएम श्री स्कूल बनेंगे स्मार्ट
पीएम श्री स्कूल अब स्मार्ट स्कूल बनेंगे। इनमें नई शिक्षा नीति के तहत सीखने पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। 75% केंद्र और 25% राज्य सरकार के मापदंड पर स्कूल संचालित होंगे। पीएम श्री स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम, खेल सुविधाएं और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा।
आईसीटी, डिजिटल क्लास रूम्स भी
विद्यार्थियों को इन स्कूलों में आईसीटी और डिजिटल क्लास रूम भी मिलेगा, ताकि उनके शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाया जा सके। इन स्कूलों के विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा और स्थानीय उद्योगों के साथ इंटर्नशिप और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ा जाएगा।
पढ़ने-पढ़ाने के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी
कम्प्यूटर लैब, लेबोरेटरी, लाइब्रेरी और अन्य जगहों पर भी पढ़ने-पढ़ाने के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी होगी। ये स्कूल पूरी तरह से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप होंगे। चयनित स्कूल मॉडल स्कूल बनेंगे। पर्यावरण के अनुकूल जरूरी काम होंगे।
प्राइमरी के बाद क्रमबद्ध तरीके से मिडिल हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों को भी पीएम श्री मॉडल स्कूलों में शामिल करने की तैयारी है। इसमें स्मार्ट क्लास रूम, प्ले ग्राउंड, कम्प्यूटर, लाइब्रेरी के लिए केन्द्र सरकार स्कूल के वर्क प्लान के अनुसार बजट यानी पैसा मिलेगा।
: 'भाजपा की शिक्षा विरोधी नीयत के कारण मेधावी युवाओं का भविष्य अधर में', राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर निशाना
Wed, Jul 10, 2024
नेशनल डेस्क: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के छात्रों के प्लेसमेंट और वार्षिक पैकेज में कथित तौर पर गिरावट को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शिक्षा विरोधी नीयत के कारण मेधावी युवाओं का भविष्य अधर में है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष अपनी पूरी शक्ति से युवाओं की आवाज निरंतर उठाता रहेगा और इस अन्याय पर सरकार को जवाबदेह बनाकर रहेगा।
'आईआईटी संस्थान भी आर्थिक मंदी का दुष्प्रभाव झेल रहे'
राहुल गांधी ने अपने व्हाट्सएप चैनल पर एक खबर साझा करते हुए कहा, ‘‘आर्थिक मंदी का दुष्प्रभाव अब देश के सबसे प्रतिष्ठित आईआईटी जैसे शीर्ष संस्थान भी झेल रहे हैं। आईआईटी में प्लेसमेंट और वार्षिक पैकेज में गिरावट, बेरोज़गारी का चरम झेल रहे युवाओं की स्थिति पर और गहरा आघात कर रहे हैं। 2022 में 19 प्रतिशत छात्रों को कैम्पस प्लेसमेंट नहीं मिल सका और इस वर्ष वही दर बढ़कर दोगुनी, यानी 38 प्रतिशत हो गई।''
'आज युवा बेरोज़गारी से पूरी तरह टूट चुका'
उनका कहना है कि जब देश के सबसे प्रसिद्ध एवं सम्मानित शिक्षा संस्थानों का यह हाल है तो बाकी संस्थानों की क्या दुर्गति होगी? कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया, ‘‘आज युवा बेरोज़गारी से पूरी तरह टूट चुका है - पेशेवर शिक्षा पाने में माता-पिता लाखों खर्च कर रहे हैं, विद्यार्थी ऊंचे ब्याज दर पर कर्ज ले कर पढ़ने पर मजबूर हैं। फिर नौकरी न मिलना, या साधारण आमदनी उनकी आर्थिक स्थिति में गिरावट ही पैदा कर रही है।''
'देश के मेधावी युवाओं का भविष्य अधर में'
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह भाजपा की शिक्षा विरोधी नीयत का ही नतीजा है जो इस देश के मेधावी युवाओं का भविष्य अधर में है।'' राहुल गांधी ने सवाल किया कि क्या मोदी सरकार के पास भारत के मेहनती युवाओं को इस संकट से मुक्ति दिलाने की कोई योजना भी है? उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष अपनी पूरी शक्ति से युवाओं की आवाज निरंतर उठाता रहेगा, इस अन्याय पर सरकार को जवाबदेह बनाकर रहेगा।''