महानदी जल विवाद : ओडिशा सरकार के प्रस्ताव पर छत्तीसगढ़ की सहमति
Sun, Jul 12, 2026
ओडिशा।
महानदी जल विवाद के समाधान का रास्ता अब साफ होता नजर आ रहा है। ट्रिब्यूनल में हुई सुनवाई के दौरान दोनों राज्यों ने आपसी सहमति से विवाद के समाधान की इच्छा जताई है। ओडिशा सरकार के प्रस्ताव पर छत्तीसगढ़ ने भी अपनी सहमति दे दी है। शनिवार को महानदी जल विवाद मामले की सुनवाई ट्रिब्यूनल की अध्यक्ष न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी की अध्यक्षता में हुई। सुनवाई के बाद ओडिशा के एडवोकेट जनरल पीतांबर आचार्य ने जानकारी दी कि दोनों राज्यों ने आपसी बातचीत के माध्यम से विवाद का स्थायी समाधान निकालने पर सहमति व्यक्त की है।
ट्रिब्यूनल के समक्ष छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया कि वह ओडिशा के साथ संवाद और आपसी चर्चा के जरिए इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का स्थायी समाधान चाहती है। दोनों राज्यों के बीच हुई इस सकारात्मक चर्चा और सहमति को देखते हुए ट्रिब्यूनल ने छत्तीसगढ़ सरकार से एक लिखित आश्वासन प्रस्तुत करने को कहा है। ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले यह लिखित प्रतिबद्धता अदालत में दाखिल की जाए। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को निर्धारित की गई है।
वियतनाम : में नाव डूबी 15 भारतीयों की मौत
Sun, Jul 12, 2026
वियतनाम।
वियतनाम में भारतीय पर्यटकों को ले जा रही नाव डूबने की खबर है। हनोई में भारतीय दूतावास की तरफ से जारी बयान के मुताबिक कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास एक दुखद घटना में कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। स्थानीय अधिकारियों द्वारा खोज और बचाव अभियान जारी है। हादसे के कारण और नाव पर सवार लोगों के सटीक विवरण जुटाए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में कंट्रोल रुम स्थापित किया गया है। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में सभी भारतीय हैं। स्थानीय समय के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब एक बजे ओशन पीयर आइलैंड कंपनी की ओर से संचालित स्पीडबोट हॉन मे रट नाम की जगह से पर्यटकों को लेकर एन थॉई पोर्ट की ओर जा रही थी। फु क्वोक हवाई अड्डे से लगभग 25 किलोमीटर दूर होन मे रट एन्ग्वाई नाम की जगह से करीब 400 मीटर दूर नाव पलट गई। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि नाव में सवार सभी लोग समुद्र में गिर गए। दूतावास की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, हादसे के संबंध में सूचना और सहायता के लिए भारतीय वाणिज्य दूतावास के नियंत्रण कक्ष पर फोन किया जा सकता है। हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए वियतनाम के दूतावास ने कहा कि हनोई में भी एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। सभी नंबर हादसे से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता और पूछताछ के लिए उपलब्ध है।
तकनीकी खराबी के बाद हादसे का शिकार हुई नाव
रिपोर्ट के मुताबिक, फु क्वोक विशेष आर्थिक क्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा दोपहर करीब एक बजे हुआ, जब ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की स्पीडबोट में अचानक तकनीकी खराबी आ गई और वह पलट गई। आसपास मौजूद कई पर्यटक नौकाएं तुरंत बचाव के लिए मौके पर पहुंचीं। एन थोई पोर्ट बॉर्डर गार्ड स्टेशन के अनुसार, हादसे में 15 लोगों की मौत हुई है, जिनमें दो महिलाएं और 13 पुरुष शामिल हैं। वहीं, बचाए गए 21 लोगों को आपात चिकित्सा उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है। जानकारी के मुताबिक, बचाव अभियान के लिए बॉर्डर गार्ड स्टेशन ने 35 अधिकारियों और जवानों के साथ दो जहाज तैनात किए हैं। नौसेना और तटरक्षक बल भी राहत एवं बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं। फु क्वोक के पास स्थित मे रुट न्गोआई द्वीप कोरल रीफ डाइविंग के लिए प्रसिद्ध है। यहां पहुंचने के लिए पर्यटक आमतौर पर 20 से 40 मिनट की स्पीडबोट या नाव यात्रा करते हैं।
1.72 लाख करोड़ का निवेश, : यूपीआई, टैक्स फ्री व्यापार, भारत-न्यूजीलैंड के बीच अहम समझौतें
Sun, Jul 12, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे पर दोनों देशों के बीच 10 खास समझौते और 18 बड़े फैसले हुए हैं. भारत और न्यूजीलैंड ने दोनों देशों के बीच कारोबार को 2030 तक 35,000 करोड़ रुपये करने का टारगेट रखा है. भारत न्यूजीलैंड को केमिकल्स, प्रोसेसिंग फूड, एग्री प्रोडक्ट्स और अन्य चीजों की सप्लाई करेगा. वहीं न्यूजीलैंड से किवी, अन्य फल और क्रिटिकल्स मिनिरल्स समेत कई चीजें सस्ती कीमतों पर भारत आएंगी. पीएम मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक में डील साइन की गई है. पीएम मोदी ने कहा कि रिकॉर्ड 9 महीने में दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया गया है. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का मतलब है कि भारत से न्यूजीलैंड जाने वाली ज्यादातर चीजों पर शून्य टैक्स लगेगा. वहीं न्यूजीलैंड से आने वाली वस्तुओं पर भी कम या शून्य टैक्स लगाया जाएगा. इस डील के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 सालों में भारत 1.72 लाख करोड़ (20 अरब डॉलर) निवेश करेगा. यह एक बड़ा निवेश है, जिससे भारत के विकसित होने में मदद मिलेगा.
2030 तक सहयोग बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया जाएगा. दोनों देश मिलकर व्यापार, डिफेंस, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, स्पोर्ट्स, कल्चर और टुरिज्म पर फोकस करेंगे और व्यापार को 35,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाएंगे. द्य डिफेंस और समुद्री मार्ग में दोनों देश सहयोग बढ़ाएंगे. संयुक्त अभ्यास और आपदा में राहत सहयोग करेंगे. इससे समुद्री निगरानी मजबूत होगी. नौसैनिक चार्ट और डेटा भी शेयर किया जाएगा. दोनों देश की सेनाएं जरूरत पडऩे पर एक दूसरे को लॉजिस्टिक सुविधा भी देंगी. इससे रक्षा सहयोग बढ़ेगा.
आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्य समूह बनाया जाएगा, ताकि आतंकवाद के खिलाफ मोर्चा शुरू किया जा सके. खुफिया जानकारी भी शेयर करने को लेकर समझौता किया गया है. द्य डेयरी और पशुपालन को लेकर नई टेक्नोलॉजी और विशेषज्ञता शेयर की जाएगी, जिससे किसानों और खाद्य सुरक्षा को लाभ मिलेगा.
द्य दोनों देशों के बीच पर्यटन को लेकर भी समझौता हुआ है. दोनों देश आवागमन को आसान बनाएंगे, जिससे पर्यटन सेक्टर में नए रोजगार के अवसर खुलेंगे.
0 हाई परफॉर्मेंश स्पोर्ट्स, स्पोर्ट्स साइंस और स्पोर्ट्स मेडिसिन में सहयोग . रग्बी, रोइंग, एथलिट्स और गोल्फ जैसे स्पोर्ट्स को सपोर्ट मिलेगा. द्य रोजगार, कारोबार और निवेश को बढ़ाने के लिए 2030 तक 35,000 करोड़ के कारोबार का लक्ष्य रखा गया है. द्य फूड टेक्नोलॉजी और सुरक्षा में सहयोग बढ़ेगा. कीवी को लेकर नया एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा. द्य न्यूजीलैंड कई तरीके से अगले 15 साल में 1.72 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा और भारत-न्यूजीलैंड के बीच ज्यादातर चीजें ‘शून्य’ टैक्स पर आयात-निर्यात होंगी. द्य भारत के क्कढ्ढ को न्यूजीलैंड के फास्ट पेमेंट सिस्टम से जोडऩे पर सहमति बनी है, जिससे डिजिटल पेमेंट बेहद आसान हो जाएगा.