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जनजातीय बालिकाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त : माध्यम बनेगा शबरी वाचनालय -राज्यपाल डेका

Jagbhan Yadav

Wed, Jul 22, 2026

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने मंगलवार को वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ द्वारा जनजातीय बालिकाओं में अध्ययन, ज्ञानार्जन एवं पठन-पाठन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थापित शबरी वाचनालय का उदघाटन किया। वाचनालय की स्थापना के लिए राज्यपाल द्वारा अपने स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि शबरी वाचनालय एक दूरदर्शी पहल है, जो जनजातीय बालिकाओं के लिए अध्ययन, चिंतन, आत्मविकास एवं व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त केंद्र बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां अध्ययन करने वाली बालिकाएं ज्ञान एवं शिक्षा के बल पर प्रतियोगी परीक्षाओं सहित जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करेंगी। उनकी उपलब्धियां न केवल उनके परिवार, बल्कि समाज और राष्ट्र का गौरव भी बढ़ाएंगी। उन्होंने कहा कि शबरी कन्या आश्रम वर्षों से जनजातीय बालिकाओं को केवल आश्रय और शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्रसेवा की भावना भी प्रदान कर रहा है। इसी का परिणाम है कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाली अनेक बालिकाएं आज शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन तथा समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संपदा एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण राज्य है। यहां की संस्कृति का संबंध रामायण काल की परंपराओं से है। उन्होंने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं में अनेक समानताएं हैं तथा दोनों राज्यों की सांस्कृतिक धारा भगवान श्रीराम से जुड़ी हुई है। ऐसे गौरवशाली सांस्कृतिक परिवेश का हिस्सा होना हम सभी के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय इंटरनेट और तकनीक का युग है। तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच जीवन मूल्यों को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। परिवार और समाज के प्रति संवेदनशीलता, संतोष और सकारात्मक सोच ही जीवन को सार्थक बनाती है। संतुष्ट व्यक्ति ही वास्तविक रूप से प्रसन्न रह सकता है। जीवन ईश्वर का अमूल्य उपहार है, इसलिए इसके प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

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