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छत्तीसगढ़ : एसआईआर की अवधि बढ़ाने की मांग तेज, कांग्रेस बोली– खेत-खलिहान और पलायन के बीच एक महीने में प्रक्रिया पूरी होना मुश्किल

Jagbhan Yadav

Sun, Nov 30, 2025

मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया इस समय पूरे छत्तीसगढ़ में चल रही है। आयोग ने इसकी अवधि केवल 7 दिन बढ़ाई है, जिसे कांग्रेस पूरी तरह नाकाफी बता रही है। कांग्रेस का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में केवल एक महीने के अंदर यह प्रक्रिया पूरी कर पाना संभव नहीं है। इसलिए उन्होंने आयोग से मांग की है कि SIR की अवधि को कम से कम 3 महीने तक बढ़ाया जाए।

इस समय राज्य में धान कटाई और धान खरीदी का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है। बड़ी संख्या में किसान खेतों में व्यस्त हैं, जिससे दस्तावेज तैयार कर मतदान सूची के लिए फॉर्म जमा करना उनके लिए कठिन हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ बस्तर संभाग के कई इलाकों में बाढ़ की वजह से लोगों के जरूरी दस्तावेज बह गए या खराब हो चुके हैं। ऐसे में लोगों को नए दस्तावेज तैयार करने में अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।

कांग्रेस ने यह भी बताया कि मनरेगा के काम बंद होने के कारण बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, जशपुर और बस्तर जैसे जिलों से बड़ी संख्या में लोग रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन कर चुके हैं। इनके वापस आने और दस्तावेज जमा करने में समय लगना स्वाभाविक है। इसलिए कम समय में 100% फॉर्म जमा करना असंभव प्रतीत होता है।

स्थिति और गंभीर हो जाती है बस्तर के उन 600 नक्सल प्रभावित गांवों में, जहाँ लोग कई वर्षों से अपना गांव छोड़कर तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में रह रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि इतने कम समय में इनका SIR पूरा होना संभव नहीं है, और आयोग को वास्तविक परिस्थिति समझकर अंतिम तिथि बढ़ानी चाहिए।

कांग्रेस का दावा है कि प्रक्रिया शुरू हुए 26 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक 50% से भी कम लोग अपना प्रपत्र जमा कर पाए हैं। वहीं आयोग के कागजों में 97% फॉर्म जमा होने का दावा किया जा रहा है, जबकि जमीन पर हालात बिल्कुल अलग हैं—कई लोगों तक फॉर्म पहुँचे ही नहीं हैं। इसलिए कांग्रेस का तर्क है कि चुनाव में अभी तीन साल बाकी हैं, ऐसे में मतदाता सूची पुनरीक्षण एक महीने में पूरा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। अगर समय बढ़ाकर इसे तीन महीने कर दिया जाए, तो सभी लोगों को अपने दस्तावेज जमा करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

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