इस माह भी बिजली बिल ने आम जनता का बजट बिगाड़ दिया : – कांग्रेस
Tue, Dec 2, 2025
रायपुर।
बढ़े बिजली बिल ने आम जनता का बजट बिगाड़ दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि तीन महिने से आ रहे बेतहाशा बढ़ा बिजली बिल से राज्य का हर नागरिक परेशान है। इस माह भी बिजली बिल दुगुना आये है। सरकार द्वारा 200 यूनिट तक बिजली के दाम आधा करने का निर्णय जनता से धोखा है। वर्तमान निर्णय से सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं का फायदा होगा, जिनकी कुल खपत 400 यूनिट है, उनको 200 यूनिट तक में आधा की छूट मिलेगी। जिनकी खपत 400 से 1 यूनिट भी अधिक होगी, उनको पूरा बिल देना होगा। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि 400 यूनिट तक बिजली के दाम आधा किया जाये, साथ ही पुराने कांग्रेस सरकार के निर्णय के अनुसार खपत कितनी भी हो 400 यूनिट तक दाम आधा रहने की गारंटी होनी चाहिये। साथ ही बिजली के दामों में 4 बार में की गयी बढ़ोत्तरी को भी तुरंत वापस लिया जाये।
सरकार की नाकामी लापरवाही और मुनाफाखोरी वाली नीति के कारण प्रदेश के लोगों के लिए बिजली कटौती और मंहगी बिजली बड़ी समस्या बन गई है। राज्य बनने के बाद प्रदेश में बिजली के दाम सबसे ज्यादा वर्तमान समय में है। सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर दिया जिससे लोगों के बिजली के बिल दुगुना से भी अधिक आ रहा। महंगी बिजली के बाद भी सरकार जनता को चौबीस घंटे बिजली नहीं उपलब्ध करवा पा रही। ग्रामीण क्षेत्र में आठ-नौ घंटे तक हो रही बिजली कटौती से जनता परेशान हो रही, लोग बिजली कटौती के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर है।
बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के बिजली के दाम बढ़ाकर भेजने के अन्यायपूर्ण फैसले का विरोध करती है, कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी और हमें ही महंगे दर पर बिजली बेचा जा रहा है। जनता में बढ़े हुए बिजली बिल के कारण आक्रोश और निराशा है उसके बाद भी सरकार बिजली के दामें पर लूट जारी रखे हुए है।
CG : SIR की वजह से माता – पिता से मिली बेटी, 13 साल बाद घर लौटी खुशियां
Tue, Dec 2, 2025
केशकाल।
छत्तीसगढ़ में इन दिनों SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया चल रही है। जिसको लेकर के प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। ऐसे में प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से नई-नई कहानियां भी निकल कर सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक रोचक कहानी केशकाल से सामने आई है। जहां वर्ष 2012 में एक नाबालिग बच्ची पारिवारिक परेशानियों के चलते तनाव में आकर घर छोड़कर रायपुर चली गई थी। घर वालों ने वर्षों तक पता तलाश करने के बाद उसके मिलने की पूरी उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन अब जो SIR के लिए दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ी तो उनकी बेटी सुनीता यादव लगभग 13 साल बाद वापस अपने घर लौटी है।
वर्ष 2012 में घर छोड़कर रायपुर में दादी के साथ थी
इस बारे में सुनीता से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि पिताजी के द्वारा आए दिन शराब पीने और मारपीट करने से परेशान होकर मैं वर्ष 2012 में घर छोड़कर चली गई थी। मैं रायपुर में ही एक दादी अम्मा के घर में रहकर अपना जीवन यापन कर रही थी। उन्होंने कहा था कि जब तू बालिग हो जाएगी तब मैं तेरी शादी भी करवाऊंगी। लेकिन 2019 में उनका देहांत हो गया। इस दौरान कई बार मुझे लौट कर वापस घर आने का मन तो किया लेकिन पिताजी के डर के कारण वापस घर लौटने की हिम्मत नहीं हुई।
SIR नहीं होता तो शायद घरवालों से कभी नहीं मिल पाती
सुनीता ने बताया, SIR के लिए जब बीएलओ ने मुझसे दस्तावेज मांगे तो उसमें माता-पिता का परिचय पत्र मतदाता सूची में नाम एवं अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ी। लेकिन मेरे पास कोई दस्तावेज नहीं थे इसलिए मैं रायपुर से केशकाल आई हूं। इतने सालों के बाद माता-पिता से मिलकर मुझे काफी खुशी हुई और वह भी मुझे देखकर काफी खुश नजर आए। अगर SIR के लिए दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं पड़ती तो शायद मैं वापस केशकाल कभी नहीं आती। लेकिन अब जो की घरवालों से मेरा संपर्क हो गया है और घर की स्थिति भी सामान्य है। ऐसे में अब मैं समय-समय पर अपनी माता-पिता से मिलने केशकाल आया करूंगी।