परीक्षा जीवन की कड़ी है, सम्पूर्ण जीवन नहीं : : मुख्यमंत्री धामी
Sat, Feb 7, 2026
-परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के 9वें संस्करण में शामिल हुए मुख्यमंत्री
देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेशविला रोड स्थित सेंट एंग्नेस स्कूल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा पे चर्चा अब केवल संवाद नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री का संदेश हमें यह सिखाता है कि परीक्षा जीवन की एक कड़ी हो सकती है, लेकिन सम्पूर्ण जीवन नहीं।
मुख्यमंत्री ने अपने स्कूली जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्कूल का समय अमूल्य होता है, जो दोबारा लौटकर नहीं आता। इसलिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी निरंतर प्रतिभाग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा एक अवसर है, जिसमें छात्र एक योद्धा की तरह पूरे आत्मविश्वास, धैर्य और शांति के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं। केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना ही काबिलियत नहीं, जीवन में और भी अनेक लक्ष्य होते हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से लक्ष्य तय कर प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ने तथा परीक्षा के दबाव से मुक्त रहकर सकारात्मक सोच के साथ सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया। साथ ही अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उनकी तुलना दूसरों से न करें।
संदर्भित है कि परीक्षा पे चर्चा 2026 के अंतर्गत देशभर में चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने पंजीकरण किया है, जिससे पूर्व का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी टूटने जा रहा है। उत्तराखंड राज्य से इस वर्ष लगभग 7 लाख विद्यार्थी, 53 हजार से अधिक शिक्षक एवं 14 हजार से अधिक अभिभावक जुड़े हैं, जबकि गत वर्ष यह संख्या 2 लाख 98 हजार विद्यार्थियों तक सीमित थी।
राज्य के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए 10 प्रेरक वीडियो में से एक वीडियो राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुआ है, जो राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाला कुराली, विकासखंड जखोली, जनपद रुद्रप्रयाग के छात्र रोहन सिंह राणा द्वारा तैयार किया गया है। रोहन सिंह राणा को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में दिल्ली आमंत्रित किया गया है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
कार्यक्रम के दौरान महानिदेशक शिक्षा दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, शिक्षक व बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
उत्तराखंड में सहकारिता आधारित : ‘भारत टैक्सी’ सेवा शुरू होगी : डॉ. धन सिंह रावत
Sat, Feb 7, 2026
देहरादून।
उत्तराखंड में शीघ्र ही सहकारिता आधारित ‘भारत टैक्सी’ सेवा की शुरुआत की जाएगी। योजना का उद्देश्य कॉर्पोरेट आधारित कमीशन प्रणाली के स्थान पर चालकों को उनके मुनाफे का सीधा अधिकार देना है, जिससे उनकी आय, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सके। यह जानकारी राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी।
मंत्री ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि यह योजना केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की ‘भारत टैक्सी’ पहल से प्रेरित है, जिसका शुभारंभ नई दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन, तीर्थाटन और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से उभर रहा है। चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिवर्ष 30 लाख से अधिक श्रद्धालु राज्य में आते हैं, जबकि पिछले वर्ष लगभग 4 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक उत्तराखंड पहुंचे, जो अब तक का रिकॉर्ड है।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की ओर से राज्य के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा दिए जाने से पर्यटन गतिविधियों में निरंतर वृद्धि हो रही है। ऐसे में सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक सिद्ध होगी।
मंत्री ने कहा कि सहकार टैक्सी योजना में स्वामित्व,सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं और शीघ्र ही इसका रोडमैप तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह योजना चार पहिया, तीन पहिया और दो पहिया टैक्सी वाहनों पर लागू की जाएगी, जिससे शहरी, पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय चालकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।-
एनटीपीसी : 2047 तक स्थापित करेगा 30 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता: श्रीपद नाइक
Thu, Feb 5, 2026
सरकारी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी वर्ष 2047 तक 30 गीगावाट की परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की योजना बना रही है। यह जानकारी केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने गुरुवार को संसद में दी।
परमाणु सहायक कंपनी का गठन
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद एनटीपीसी ने कंपनी अधिनियम के तहत एनटीपीसी परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीयूएनएल) नाम से एक पूर्ण स्वामित्व वाली परमाणु सहायक कंपनी का गठन किया है।
2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता के लक्ष्य का हिस्सा
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में श्रीपद नाइक ने कहा, “एनटीपीसी का 30 गीगावाट का लक्ष्य सरकार के वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के फैसले का हिस्सा है।”
राजस्थान में 4X700 मेगावाट की परियोजना
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एनटीपीसी और न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) का संयुक्त उद्यम अनु शक्ति विद्युत निगम लिमिटेड राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में 4X700 मेगावाट की परमाणु ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की प्रक्रिया में है।
2032-33 तक शुरू होगा पहली इकाई का परीक्षण
इस परियोजना को माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (एमबीआरएपीपी) कहा जाता है। मौजूदा अनुमानों के अनुसार, एमबीआरएपीपी की पहली 700 मेगावाट इकाई का प्रारंभिक परीक्षण वित्त वर्ष 2032-33 तक शुरू होने की संभावना है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए ईओआई जारी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विभिन्न विकल्पों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संभावित सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए एनटीपीसी लिमिटेड ने रुचि पत्र (ईओआई) जारी किया है।
नवीकरणीय क्षमता में लगातार बढ़ोतरी
एनटीपीसी ने पिछले महीने गुजरात और राजस्थान में अपनी सहायक कंपनियों की विभिन्न सौर परियोजनाओं के जरिए वाणिज्यिक क्षमता में 359.58 मेगावाट की बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके साथ ही समूह की कुल वाणिज्यिक क्षमता 85.5 गीगावाट से अधिक हो गई है।
भारत की एक चौथाई बिजली जरूरतों में योगदान
एनटीपीसी देश की करीब एक चौथाई बिजली जरूरतों की पूर्ति में योगदान दे रही है। कंपनी की स्थापित क्षमता 85 गीगावाट से अधिक है, जबकि 30.90 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें 13.3 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता शामिल है।
नेट जीरो लक्ष्यों को मिलेगी मजबूती
कंपनी ने वर्ष 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है, जिससे भारत के नेट जीरो लक्ष्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। थर्मल, हाइड्रो, सौर और पवन ऊर्जा के विविध पोर्टफोलियो के साथ एनटीपीसी देश को विश्वसनीय, किफायती और टिकाऊ बिजली उपलब्ध कराने पर फोकस कर रही है।