बड़ा प्रशासनिक फेरबदल ! : इन अधिकारियों का हुआ तबादला, सौंपी गई नई जिम्मेदारी
Thu, Apr 23, 2026
कांकेर।
कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का नवीन पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। इसके तहत डिप्टी कलेक्टर टीकाराम देवांगन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर को जिला कार्यालय कांकेर में तथा उनके स्थान पर मनीष देव साहू डिप्टी कलेक्टर एवं नजूल अधिकारी कांकेर को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर के तौर पर पदस्थापना आदेश जारी किया है।
छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सुशासन तिहार एवं जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य को दृष्टिगत रखते हुए परिपत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि कोई भी शासकीय सेवक सक्षम प्राधिकारी द्वारा अवकाश स्वीकृत किए जाने से पूर्व अवकाश पर प्रस्थान नहीं करेगा। बिना पूर्व स्वीकृति के कार्यालय से अनुपस्थित रहना स्वैच्छिक अनुपस्थिति मानी जाएगी और इसे सेवा नियमों के तहत ब्रेक इन सर्विस (सेवा में व्यवधान) के रूप में देखा जा सकता है। सभी शासकीय सेवक को आकस्मिक अवकाश की स्थिति में भी यथासंभव दूरभाष या डिजिटल माध्यम से पूर्ण सूचना देना अनिवाय होगा, जिसकी लिखित पुष्टि कार्यालय आगमन के तत्काल बाद करनी होगी। अवकाश परिस्थिति में लंबे अवकाश (अर्जित अवकाश आदि) पर जाने से पूर्व संबंधित शासकीय सेवक को अपने कार्यों का प्रभार अन्य अधिकारी कर्मचारी को विधिवत सौंपना अनिवार्य होगा। राज्य शासन द्वारा शासन के समस्त विभागों, अध्यक्ष राजस्व मण्डल छत्तीसगढ़ बिलासपुर, समस्त विभागाध्यक्ष, समस्त संभागायुक्त एवं सभी जिलों के कलेक्टरों को इस आशय का पत्र जारी किया गया है कि शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
BREAKING : छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र 30 अप्रैल को, अधिसूचना जारी
Thu, Apr 23, 2026
रायपुर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र 30 अप्रैल को आहूत किया गया है। राज्य सरकार के आग्रह पर राज्यपाल ने अपनी मंजूरी दे दी है।
इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष की भूमिका को लेकर सत्ता रूढ़ भाजपा निंदा प्रस्ताव पारित करेगी। वहीं कांग्रेस ने कहा है कि वह सदन में पुरजोर तरीके से प्रस्ताव के विरोध में अपने तथ्य रखेगी।
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी : आत्मनिर्भरता की मिसाल
Wed, Apr 22, 2026
0-कवर्धा वन विकास निगम की बड़ी सफलता
रायपुर
-वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, विशेषकर महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की एक बेहतरीन मिसाल बन गया है। यह कम लागत वाला व्यवसाय न केवल जैविक खेती को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करके मिट्टी की उर्वरता को भी पुनस्र्थापित कर रहा है।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कवर्धा परियोजना मंडल ने नवाचार और बेहतर प्रबंधन से एक नई सफलता की कहानी लिखी है। यहां गुडली रोपणी में वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) का उत्पादन शुरू कर न केवल अपनी जरूरतें पूरी की जा रही हैं, बल्कि अब यह मंडल आय अर्जित करने की दिशा में भी आगे बढ़ चुका है।गुडली रोपणी में बिना अतिरिक्त बजट लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर वर्मी कंपोस्ट उत्पादन शुरू किया गया। यहां 6 वर्मी टैंकों के माध्यम से केवल 3 माह में 150 क्विंटल खाद तैयार की गई। इस आधार पर सालभर में लगभग 600 क्विंटल उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल यह साबित करती है कि सही योजना और प्रबंधन से सीमित संसाधनों में भी बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। पहले कवर्धा परियोजना मंडल को अपनी नर्सरी के लिए बाहर से खाद खरीदनी पड़ती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। अपनी जरूरतें पूरी करने के बाद भी यहां 500 क्विंटल से अधिक वर्मी कंपोस्ट अतिरिक्त रूप से उपलब्ध है, जिसे अन्य परियोजना मंडलों को बेचा जाएगा। इससे परिवहन और खरीद लागत में बचत होगी और निगम की आय भी बढ़ेगी।इस परियोजना का लाभ केवल विभाग तक सीमित नहीं है। खाद निर्माण कार्य में स्थानीय ग्रामीणों को जोड़ा गया है, जिससे उन्हें गांव के पास ही रोजगार मिल रहा है और उनकी आय में भी वृद्धि हो रही है।
ब्रांड बनकर बाजार में उतरेगा उत्पाद
वन विकास निगम अब इस वर्मी कंपोस्ट को एक ब्रांड के रूप में बाजार में लाने की तैयारी कर रहा है। भविष्य में इसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग से न केवल आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए और अधिक रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। कवर्धा परियोजना मंडल की यह पहल अन्य परियोजना मंडलों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। यह उदाहरण दर्शाता है कि सरकारी विभाग भी नवाचार और बेहतर प्रबंधन से आत्मनिर्भर और लाभकारी बन सकते हैं। वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की यह पहल न केवल वन विभाग की सफलता है, बल्कि यह जैविक खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।