लगातार चौथे दिन बाजार में गिरावट : सेंसेक्स 78 अंक फिसला
Fri, Dec 19, 2025
मुंबईः
स्थानीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को लगातार चौथे दिन गिरावट आई। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक बाजारों में नरम रुख से सेंसेक्स 78 अंक के मामूली नुकसान में रहा जबकि निफ्टी स्थिर बंद हुआ। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 77.84 अंक यानी 0.09 प्रतिशत टूटकर 84,481.81 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 84,780.19 अंक के ऊपरी और 84,238.43 अंक के निचले स्तर तक भी गया। इस तरह इसमें 541.76 अंक की घट-बढ़ हुई। एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी तीन अंक यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 25,815.55 अंक पर स्थिर रहा।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में सन फार्मा, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी और भारती एयरटेल प्रमुख रूप से नुकसान में रहें। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, अडानी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक और एचसीएल टेक शामिल हैं। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, "वैश्विक संकेतों और रुपए से जुड़ी चिंताओं का निवेशक धारणा पर असर बना रहा। इसकी वजह से कारोबारियों ने सतर्कता बरती।"
व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.05 प्रतिशत चढ़ गया जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप सूचकांक में 0.28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। क्षेत्रवार सूचकांकों में बिजली खंड में सर्वाधिक 1.01 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि तेल एवं गैस खंड में 0.81 प्रतिशत, पूंजीगत उत्पाद खंड में 0.80 प्रतिशत और उपयोगिता खंड में 0.75 प्रतिशत की गिरावट रही। इसके उलट, फोकस आईटी खंड 1.24 प्रतिशत उछल गया और आईटी खंड में भी 1.10 प्रतिशत की तेजी रही।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘शेयर बाजार में शुरुआती बढ़त का कारण निचले मूल्य पर खरीदारी और केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप से रुपए में आई मजबूती थी। हालांकि, अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर बनी अनिश्चितता ने बाजार धारणा को कमजोर किया और मुनाफावसूली देखने को मिली।'' शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) कई दिनों के बाद खरीदार बने और उन्होंने बुधवार को 1,171.71 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी पिछले कारोबार में 768.94 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की सूचकांक में गिरावट रही, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक दायरे में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में तेजी का रुख था। अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.42 प्रतिशत चढ़कर 59.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। सेंसेक्स बुधवार को 120.21 अंक टूटा था जबकि निफ्टी में 41.55 अंक की गिरावट आई थी।
नया साल आने से पहले निपटाएं ये फाइनेंस काम : वरना उठाना पड़ेगा नुकसान
Fri, Dec 19, 2025
बिजनेस डेस्कः
साल 2025 खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं और इसके साथ ही टैक्स, बैंकिंग और आधार से जुड़े कई अहम कामों की डेडलाइन 31 दिसंबर को समाप्त होने जा रही है। अगर आपने समय रहते ये जरूरी काम पूरे नहीं किए, तो आपको जुर्माना, ब्याज या वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है। इनमें बिलेटेड ITR, रिवाइज्ड ITR, GST रिटर्न, PAN–Aadhaar लिंक और बैंक लॉकर एग्रीमेंट जैसे अहम काम शामिल हैं।
31 दिसंबर तक भर सकते हैं बिलेटेड ITR
इस साल आयकर रिटर्न (ITR) भरने की अंतिम तारीख 16 सितंबर 2025 थी। अगर आप तय समय तक ITR दाखिल नहीं कर पाए, तो आपके पास 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न फाइल करने का मौका है। हालांकि, इसके लिए आपको इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत लेट फीस और धारा 234A के तहत ब्याज देना होगा यानी देरी करने पर आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
रिवाइज्ड ITR का भी आखिरी मौका
अगर आपने समय पर ITR फाइल कर दिया था लेकिन उसमें कोई गलती या जानकारी छूट गई है, तो आप उसे रिवाइज्ड रिटर्न के जरिए सुधार सकते हैं। रिवाइज्ड ITR 31 दिसंबर 2025 तक या टैक्स अधिकारियों द्वारा असेसमेंट शुरू होने से पहले (जो भी पहले हो) दाखिल किया जा सकता है। इसमें कोई लेट फीस नहीं लगती लेकिन अगर संशोधन के बाद टैक्स देनदारी बढ़ती है, तो अतिरिक्त टैक्स और ब्याज देना होगा।
GST और कंपनियों के लिए भी अहम डेडलाइन
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए GST एनुअल रिटर्न (GSTR-9 और GSTR-9C) दाखिल करने की आखिरी तारीख भी 31 दिसंबर 2025 है। हालांकि, कुछ प्रोफेशनल संस्थाओं ने डेडलाइन बढ़ाने की मांग की है लेकिन फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। इसके अलावा, कंपनियों को FY25 के लिए एनुअल रिटर्न और वित्तीय स्टेटमेंट (फॉर्म MGT-7 और AOC-4) भी इसी तारीख तक जमा करने होंगे।
PAN–Aadhaar लिंक और बैंक लॉकर नियम
अगर आपने 1 अक्टूबर 2024 से पहले आधार एनरोलमेंट ID के जरिए PAN बनवाया था, तो आपको 31 दिसंबर तक PAN को आधार से लिंक कराना जरूरी है। वहीं, जिन ग्राहकों के पास बैंक लॉकर है, उन्हें अपने बैंक के साथ अपडेटेड लॉकर रेंटल एग्रीमेंट साइन करना होगा। ऐसा नहीं करने पर लॉकर सील या आवंटन रद्द किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी डेडलाइन भी 31 दिसंबर है, हालांकि पहले इसे कई बार बढ़ाया जा चुका है।
क्यों जरूरी है समय पर काम निपटाना?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इन डेडलाइन को नजरअंदाज करना जुर्माने, ब्याज और कानूनी परेशानी को न्योता दे सकता है। ऐसे में बेहतर है कि साल खत्म होने से पहले ही अपने सभी टैक्स और बैंकिंग से जुड़े जरूरी काम निपटा लिए जाएं।
नए साल से कार खरीदना पड़ेगा महंगा : JSW MG Motor ने बढ़ाए दाम
Fri, Dec 19, 2025
बिजनेस डेस्कः
अगर आप जल्द नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। साल 2025 के खत्म होते-होते ऑटो सेक्टर में एक बार फिर महंगाई की आहट सुनाई देने लगी है। JSW MG Motor India ने अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है, जिससे ग्राहकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
कंपनी ने गुरुवार को बताया कि वह 1 जनवरी 2026 से अपने वाहनों की कीमतों में 2 फीसदी तक की बढ़ोतरी करेगी। यह बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से होगी यानी कुछ गाड़ियों पर मामूली असर पड़ेगा, जबकि कुछ मॉडल्स के दाम ज्यादा बढ़ सकते हैं।
कीमत बढ़ाने की वजह
JSW MG Motor India के मुताबिक, इनपुट कॉस्ट में लगातार इजाफा और वैश्विक आर्थिक हालात इस फैसले की मुख्य वजह हैं। कच्चे माल, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े खर्चों में बढ़ोतरी का दबाव अब सीधे ग्राहकों तक पहुंच रहा है। ऐसे में कंपनी के लिए कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है।
ऑटो इंडस्ट्री पहले से दबाव में
JSW MG Motor का यह फैसला ऐसे वक्त आया है, जब पूरी ऑटो इंडस्ट्री लागत बढ़ने के दबाव से जूझ रही है। इलेक्ट्रिक और पेट्रोल-डीजल दोनों सेगमेंट में वाहनों की लागत बढ़ रही है, वहीं ग्राहकों की मांग को संतुलित रखना कंपनियों के लिए चुनौती बना हुआ है। कीमतों में यह बढ़ोतरी खासतौर पर उन ग्राहकों को प्रभावित करेगी, जो नए साल में कार खरीदने की तैयारी कर रहे थे।
लग्जरी सेगमेंट में भी महंगाई
MG Motor अकेली कंपनी नहीं है जो कीमतें बढ़ा रही है। लग्जरी कार सेगमेंट में भी महंगाई की लहर दिख रही है। Mercedes-Benz India और BMW जैसी दिग्गज कंपनियां भी जनवरी 2026 से अपने वाहनों के दाम बढ़ाने का ऐलान कर चुकी हैं। इससे साफ है कि आने वाले समय में कार खरीदना और महंगा हो सकता है।