NPS नियमों में बड़ा बदलाव : नोटिफिकेशन जारी, अब मिलेगा ज्यादा फायदा
Fri, Dec 19, 2025
बिजनेस डेस्कः
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े करोड़ों निवेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS के नियमों में अब तक का सबसे अहम बदलाव कर दिया है। इस संबंध में नई नोटिफिकेशन भी जारी कर दी गई है, जिससे खासतौर पर गैर-सरकारी NPS सब्सक्राइबर्स को बड़ा फायदा मिलेगा।
क्या बदला है नया NPS नियम?
PFRDA ने रिटायरमेंट और एग्जिट नियमों में संशोधन किया है। नए नियमों के तहत अब गैर-सरकारी NPS निवेशक रिटायरमेंट के समय अपने कुल कॉर्पस का अधिकतम 80% तक पैसा लंपसम निकाल सकेंगे।
अभी तक क्या था नियम?
अब तक NPS से बाहर निकलते समय निवेशकों को कम से कम 40% राशि से एन्यूटी खरीदना अनिवार्य था। एन्यूटी के जरिए रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन मिलती थी, लेकिन नए नियमों में इस अनिवार्यता को घटाकर 20% कर दिया गया है। यह बदलाव All Citizen Model और Corporate NPS दोनों कैटेगरी के सब्सक्राइबर्स पर लागू होगा।
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
PFRDA द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह सुविधा उन सब्सक्राइबर्स को मिलेगी जो:
60 साल की उम्र में सामान्य एग्जिट लेते हैं
न्यूनतम सब्सक्रिप्शन अवधि पूरी करने के बाद एग्जिट करते हैं
60 से 85 साल की उम्र के बीच NPS से बाहर निकलते हैं
इसका मतलब है कि अब रिटायरमेंट पर मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा सीधे हाथ में लिया जा सकेगा।
कितनी रकम निकाल सकते हैं?
नए नियमों में कॉर्पस की राशि के आधार पर अलग-अलग विकल्प दिए गए हैं:
₹8 लाख तक का कॉर्पस
निवेशक पूरी रकम लंपसम निकाल सकता है। एन्यूटी लेना पूरी तरह वैकल्पिक होगा, जो अधिकतम 20% तक हो सकता है।
₹8 लाख से ₹12 लाख तक का कॉर्पस
अधिकतम ₹6 लाख लंपसम निकासी की अनुमति होगी। बची राशि से या तो एन्यूटी खरीदी जा सकती है या फिर 6 साल तक Systematic Withdrawal के जरिए पैसा निकाला जा सकता है।
₹12 लाख से ज्यादा का कॉर्पस
कम से कम 20% राशि से एन्यूटी खरीदना अनिवार्य होगा। शेष 80% तक रकम लंपसम निकाली जा सकेगी।
क्यों अहम है यह बदलाव?
इस बड़े फैसले से PFRDA ने गैर-सरकारी NPS निवेशकों को उनकी रिटायरमेंट सेविंग्स पर ज्यादा नियंत्रण दिया है। अब निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से ज्यादा कैश हाथ में ले सकेंगे और एन्यूटी की बाध्यता पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है।
लगातार चौथे दिन बाजार में गिरावट : सेंसेक्स 78 अंक फिसला
Fri, Dec 19, 2025
मुंबईः
स्थानीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को लगातार चौथे दिन गिरावट आई। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक बाजारों में नरम रुख से सेंसेक्स 78 अंक के मामूली नुकसान में रहा जबकि निफ्टी स्थिर बंद हुआ। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 77.84 अंक यानी 0.09 प्रतिशत टूटकर 84,481.81 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 84,780.19 अंक के ऊपरी और 84,238.43 अंक के निचले स्तर तक भी गया। इस तरह इसमें 541.76 अंक की घट-बढ़ हुई। एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी तीन अंक यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 25,815.55 अंक पर स्थिर रहा।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में सन फार्मा, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी और भारती एयरटेल प्रमुख रूप से नुकसान में रहें। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, अडानी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक और एचसीएल टेक शामिल हैं। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, "वैश्विक संकेतों और रुपए से जुड़ी चिंताओं का निवेशक धारणा पर असर बना रहा। इसकी वजह से कारोबारियों ने सतर्कता बरती।"
व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.05 प्रतिशत चढ़ गया जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप सूचकांक में 0.28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। क्षेत्रवार सूचकांकों में बिजली खंड में सर्वाधिक 1.01 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि तेल एवं गैस खंड में 0.81 प्रतिशत, पूंजीगत उत्पाद खंड में 0.80 प्रतिशत और उपयोगिता खंड में 0.75 प्रतिशत की गिरावट रही। इसके उलट, फोकस आईटी खंड 1.24 प्रतिशत उछल गया और आईटी खंड में भी 1.10 प्रतिशत की तेजी रही।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘शेयर बाजार में शुरुआती बढ़त का कारण निचले मूल्य पर खरीदारी और केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप से रुपए में आई मजबूती थी। हालांकि, अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर बनी अनिश्चितता ने बाजार धारणा को कमजोर किया और मुनाफावसूली देखने को मिली।'' शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) कई दिनों के बाद खरीदार बने और उन्होंने बुधवार को 1,171.71 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी पिछले कारोबार में 768.94 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की सूचकांक में गिरावट रही, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक दायरे में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में तेजी का रुख था। अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.42 प्रतिशत चढ़कर 59.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। सेंसेक्स बुधवार को 120.21 अंक टूटा था जबकि निफ्टी में 41.55 अंक की गिरावट आई थी।
नया साल आने से पहले निपटाएं ये फाइनेंस काम : वरना उठाना पड़ेगा नुकसान
Fri, Dec 19, 2025
बिजनेस डेस्कः
साल 2025 खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं और इसके साथ ही टैक्स, बैंकिंग और आधार से जुड़े कई अहम कामों की डेडलाइन 31 दिसंबर को समाप्त होने जा रही है। अगर आपने समय रहते ये जरूरी काम पूरे नहीं किए, तो आपको जुर्माना, ब्याज या वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है। इनमें बिलेटेड ITR, रिवाइज्ड ITR, GST रिटर्न, PAN–Aadhaar लिंक और बैंक लॉकर एग्रीमेंट जैसे अहम काम शामिल हैं।
31 दिसंबर तक भर सकते हैं बिलेटेड ITR
इस साल आयकर रिटर्न (ITR) भरने की अंतिम तारीख 16 सितंबर 2025 थी। अगर आप तय समय तक ITR दाखिल नहीं कर पाए, तो आपके पास 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न फाइल करने का मौका है। हालांकि, इसके लिए आपको इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत लेट फीस और धारा 234A के तहत ब्याज देना होगा यानी देरी करने पर आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
रिवाइज्ड ITR का भी आखिरी मौका
अगर आपने समय पर ITR फाइल कर दिया था लेकिन उसमें कोई गलती या जानकारी छूट गई है, तो आप उसे रिवाइज्ड रिटर्न के जरिए सुधार सकते हैं। रिवाइज्ड ITR 31 दिसंबर 2025 तक या टैक्स अधिकारियों द्वारा असेसमेंट शुरू होने से पहले (जो भी पहले हो) दाखिल किया जा सकता है। इसमें कोई लेट फीस नहीं लगती लेकिन अगर संशोधन के बाद टैक्स देनदारी बढ़ती है, तो अतिरिक्त टैक्स और ब्याज देना होगा।
GST और कंपनियों के लिए भी अहम डेडलाइन
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए GST एनुअल रिटर्न (GSTR-9 और GSTR-9C) दाखिल करने की आखिरी तारीख भी 31 दिसंबर 2025 है। हालांकि, कुछ प्रोफेशनल संस्थाओं ने डेडलाइन बढ़ाने की मांग की है लेकिन फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। इसके अलावा, कंपनियों को FY25 के लिए एनुअल रिटर्न और वित्तीय स्टेटमेंट (फॉर्म MGT-7 और AOC-4) भी इसी तारीख तक जमा करने होंगे।
PAN–Aadhaar लिंक और बैंक लॉकर नियम
अगर आपने 1 अक्टूबर 2024 से पहले आधार एनरोलमेंट ID के जरिए PAN बनवाया था, तो आपको 31 दिसंबर तक PAN को आधार से लिंक कराना जरूरी है। वहीं, जिन ग्राहकों के पास बैंक लॉकर है, उन्हें अपने बैंक के साथ अपडेटेड लॉकर रेंटल एग्रीमेंट साइन करना होगा। ऐसा नहीं करने पर लॉकर सील या आवंटन रद्द किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी डेडलाइन भी 31 दिसंबर है, हालांकि पहले इसे कई बार बढ़ाया जा चुका है।
क्यों जरूरी है समय पर काम निपटाना?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इन डेडलाइन को नजरअंदाज करना जुर्माने, ब्याज और कानूनी परेशानी को न्योता दे सकता है। ऐसे में बेहतर है कि साल खत्म होने से पहले ही अपने सभी टैक्स और बैंकिंग से जुड़े जरूरी काम निपटा लिए जाएं।