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कई FIR पर राहत नहीं : सुप्रीम कोर्ट ने अमित बघेल की याचिका खारिज, सभी राज्यों में होगा कानूनी कार्रवाई का सामना

Jagbhan Yadav

Tue, Nov 25, 2025

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। विवादित बयानों के चलते देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों को लेकर वे शीर्ष अदालत पहुंचे थे, ताकि सभी FIR को एक जगह क्लब कर दिया जाए और कानूनी प्रक्रिया उनके लिए सरल हो सके। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस मांग को न सिर्फ खारिज किया, बल्कि उन पर कड़ी टिप्पणी भी की। अदालत का रुख स्पष्ट था—कानून की प्रक्रिया हर आरोपी के लिए समान है और इससे बचने का कोई रास्ता नहीं होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अमित बघेल के अनुरोध पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बयान देते समय जिम्मेदारी का ध्यान रखना आवश्यक है। अदालत ने कहा कि जहां-जहां FIR दर्ज हुई है, आरोपी को वहीं की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। अदालत की टिप्पणी—“अपनी जुबान संभालकर रखें, राज्य पुलिस आएगी और आपको अपने-अपने राज्यों में ले जाएगी, पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए।”—इस बात का संकेत थी कि उनसे किसी प्रकार की सहानुभूति की उम्मीद नहीं की जा सकती

फरारी और कई राज्यों में दर्ज FIR

सुनवाई में यह भी सामने आया कि अमित बघेल पिछले 26 दिनों से फरार चल रहे हैं और उनके खिलाफ 12 राज्यों में अलग-अलग FIR दर्ज हैं। अदालत ने इस तथ्य को गंभीरता से लेते हुए साफ शब्दों में कहा कि गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया से बचने का कोई विकल्प नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि आरोपी को हर राज्य में दर्ज मामलों का सामना करना होगा, चाहे संख्या कितनी भी अधिक क्यों न हो।

बघेल के वकील की दलीलें और कोर्ट का रुख

बघेल की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने अदालत को बताया कि उनका बयान गुस्से में दिया गया था और किसी की भावना आहत करने का इरादा नहीं था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पहले से ही पांच FIR दर्ज हैं, इसलिए अन्य राज्यों के मामलों को भी वहीं ट्रांसफर कर दिया जाना चाहिए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि कानून का पालन हर जगह समान रूप से होना चाहिए और अदालत इस मामले में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगी।

हर राज्य की FIR में प्रक्रिया अनिवार्य

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों में दर्ज FIR कानूनी रूप से वैध हैं और आरोपी को हर राज्य में जाकर उन्हीं FIR के तहत कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। अदालत का निर्णय इस सिद्धांत पर आधारित था कि कानून से ऊपर कोई नहीं और बयान देने की आज़ादी का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता।

Tags :

Supreme Court Amit Baghel FIR Case Legal Proceedings Chhattisgarh News Court Update National Politics

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