असम: बाढ़ से 15 जिलों के 1.68 लाख लोग प्रभावित : 133 राहत शिविर संचालित
Fri, Aug 7, 2026
असम में बाढ़ की स्थिति गुरुवार को भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिले अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक सिर्फ एक नदी ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार नुमालीगढ़ में धनसिरी दक्षिण नदी खतरे के निशान से ऊपर है। वहीं कोई भी नदी सर्वाधिक बाढ़ स्तर से ऊपर नहीं बह रही है। नवीनतम बाढ़ बुलेटिन के अनुसार 39 राजस्व सर्किलों के 481 गांवों में 1,68,701 लोग प्रभावित हैं। लगभग 14,382.26 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न है जिससे कई जिलों में लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में गोलाघाट, शिवसागर, जोरहाट, चराईदेव, लखीमपुर, नगांव, दरंग और विश्वनाथ शामिल हैं। गोलाघाट में सबसे अधिक 54,085 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद शिवसागर में 49,515, जोरहाट में 27,842 और चराईदेव में 21,486 लोग प्रभावित हैं। शिवसागर, जोरहाट, लखीमपुर और चराईदेव में फसलों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।
राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में 133 राहत शिविर और वितरण केंद्र संचालित किए हैं। राहत शिविरों में अभी 10,111 लोग शरण लिए हुए हैं जबकि 35,596 लोगों को वितरण केंद्रों के माध्यम से सहायता दी जा रही है। राहत सामग्री में 616 क्विंटल से अधिक चावल, लगभग 110 क्विंटल दाल, खाद्य तेल, पशु आहार और अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं जिनका वितरण किया गया है।बाढ़ में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। गोलाघाट और उदलगुरी जिले में एक-एक व्यक्ति की जान गई है। फिलहाल किसी के लापता होने की सूचना नहीं है।
आपदा से 41,475 पशु भी प्रभावित हुए हैं। साथ ही 365 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं जिनमें 40 पूरी तरह और 325 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। बचाव कार्यों के लिए 93 टीमें और 151 नावें तैनात की गई हैं। नावों से अब तक चार लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। प्रशासन बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और पुनर्निर्माण के काम में लगा हुआ है।
पीएम मोदी 8 अगस्त को IIT : दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को करेंगे संबोधित
Fri, Aug 7, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 8 अगस्त को सुबह 11 बजे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। पीएम मोदी इस दौरान 3000 से अधिक ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को संबोधित भी करेंगे, जिनमें 587 पीएचडी स्कॉलर्स भी शामिल हैं। समारोह के दौरान इन छात्रों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी।
मेधावी छात्रों को दिए जाएंगे संस्थान के सर्वोच्च सम्मान
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी बेहतरीन शैक्षणिक प्रदर्शन को देखते हुए मेधावी छात्रों को IIT दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान करेंगे। इनमें प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल, डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल, शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल और परफेक्ट टेन गोल्ड मेडल शामिल हैं।
सोनीपत कैंपस में होगा ‘परम प्रज्ञा’ सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन
अत्याधुनिक रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के भारत के संकल्प को और मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित AI-संचालित हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन भी करेंगे। उम्मीद है कि यह आधुनिक सुविधा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, एडवांस्ड कंप्यूटिंग और अंतर-विषयक अनुसंधान के क्षेत्रों में संस्थान की क्षमताओं को काफी बढ़ाएगी।
शिक्षा सिर्फ सरकार की नहीं : पूरे समाज की जिम्मेदारी: RSS प्रमुख मोहन भागवत
Thu, Aug 6, 2026
मुंबई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा केवल सरकार या शिक्षकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की भी भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर शिक्षा की जिम्मेदारी है, उन्हें अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभानी चाहिए। यदि कहीं कमी है तो उसमें सुधार होना चाहिए, लेकिन समाज को भी यह सोचना होगा कि वह बच्चों की शिक्षा के लिए क्या योगदान दे सकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा हमारे बच्चों के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए समाज को इसके आर्थिक और सामाजिक पक्षों के प्रति सक्रिय रहना चाहिए। यदि शिक्षा के क्षेत्र में सामूहिक प्रयास जन-आंदोलन का रूप लें, तो सुधार की गति और तेज हो सकती है।