मोदी सरकार के डिजिटल इंडिया पहल से : गरीबों के लिए सस्ता अनाज सुनिश्चित होगा: अमित शाह
Mon, Feb 16, 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुजरात के गांधीनगर में देश का फर्स्ट सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी)-बेस्ड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (पीडीएस) लॉन्च करते हुए कहा कि दुनिया के कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन में आधे से ज्यादा हिस्सा भारत का है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “डिजिटल इंडिया” शब्द का मैं जब प्रयोग करता हूं और 11 साल पहले मुड़कर देखते हैं तो कल्पना नहीं कर सकते कि 60 करोड़ लोग ऐसे थे, जिनके परिवार में बैंक अकाउंट नहीं था। आज यही 11 साल बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया के आधे डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहे हैं। मतलब दुनिया में 2 डिजिटल ट्रांजेक्शन होते हैं तो एक भारत में होता है। आज वही डिजिटल इंडिया गरीबों को सस्ता अनाज देने के क्षेत्र में पदार्पण कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से डीबीटी ने देश में 15 लाख करोड़ से ज्यादा घपले-घोटालों को समाप्त कर दिया, उसी तरह से खाद्य आपूर्ति मंत्रालय का यह कदम ट्रांसपेरेंट डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम सुनिश्चित करेगा और पीएम मोदी के मंत्र ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ को जमीन पर उतारेगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि 11 साल पहले का समय मुझे याद है। सबसे पहले भ्रष्टाचार की शुरुआत अनाज को तौलने में होती थी। उसके वेट करने वाले स्केल को डिजिटल किया गया। राशन कार्ड फर्जी होते थे, लेकिन अब ई-राशन कार्ड ला दिया गया, फिर ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ आया और अब यह जो सिस्टम शुरू हुआ है, इससे और पारदर्शिता होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया के माध्यम से ढेर सारी पारदर्शिता गांवों तक पहुंचाई। कांग्रेस की सरकार में 500 गांवों तक ही कनेक्टिविटी पहुंची थी, लेकिन आज 1 लाख 7 हजार गांवों में कनेक्टिविटी पहुंची है। पीएम मोदी के उस उद्गार को, जब उन्होंने 2014 में कहा था कि ‘मेरी सरकार गरीबों की, दलितों की, पिछड़ों की, आदिवासियों की सरकार है और मेरी सरकार में पहला अधिकार इनका है, उस समय हम भावुक होकर देख रहे थे।
उन्होंने कहा कि आज वही चीज मुस्कुराकर देखते हैं कि 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो मिल रहा है। 81 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा, यानी पूरे यूरोपियन यूनियन की आबादी से लगभग दो गुना अधिक लोगों को खाद्य सुरक्षा देने का कार्यक्रम है।
उन्होंने पिछले एक दशक में किए गए कल्याणकारी कामों का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत चार करोड़ घर बनाए गए हैं, 13 करोड़ घरों में नल के पानी के कनेक्शन दिए गए हैं, लगभग 13 करोड़ घरों में गैस सिलेंडर दिए गए हैं, और 12 करोड़ घरों में टॉयलेट बनाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि 2.91 करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन गई हैं, जो सबको साथ लेकर चलने वाले विकास की बड़ी कोशिशों को दिखाता है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : 28 फरवरी को अजमेर आएंगे
Mon, Feb 16, 2026
जयपुर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 फरवरी को अजमेर आएंगे। वे यहां प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात देंगे। इस अवसर पर प्रदेशभर में लगभग 23 हजार 500 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जाएगा।
कार्यक्रम के तहत सड़क, पेयजल, ऊर्जा, शिक्षा और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े अनेक परियोजनाओं का शुभारंभ होगा। इसके साथ ही रोजगार उत्सव के अंतर्गत 21 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति से ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम प्रदेश के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ युवाओं में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करेगा।
राज्य सरकार के अनुसार यह आयोजन विकास और रोजगार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
प्रधानमंत्री मोदी आज : इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का करेंगे उद्घाटन
Mon, Feb 16, 2026
नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शाम पांच बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे। इसका समापन 20 फरवरी को भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ किया जाएगा। यह एक्सपो एआई के व्यावहारिक प्रदर्शन का एक राष्ट्रीय मंच होगा। यहां नीति व्यवहार से मिलेगी। नवाचार व्यापक स्तर पर लागू होगा। प्रौद्योगिकी आम नागरिक तक पहुंचेगी। एक्सपो की पूर्व संध्या पर यह जानकारी आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस कार्यक्रम का विवरण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी एक्स पर साझा किया है।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 10 एरेना में आयोजित यह एक्सपो वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और अनुसंधान संस्थानों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक साथ लाएगा। इस एक्सपो में एआई तंत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करने वाले 13 देशों के पवेलियन भी होंगे। इनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका के पवेलियन शामिल हैं।
इस एक्सपो में 300 से अधिक चुनिंदा प्रदर्शनी मंडप और लाइव प्रदर्शन होंगे जिन्हें तीन मुख्य विषयों - लोग, ग्रह और उन्नति - के आधार पर संरचित किया गया है। इसके अतिरिक्त, एक्सपो में 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप शामिल होंगे जिनमें से कई वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक और व्यापक जनसंचार समाधान कर रहे हैं। ये स्टार्टअप ऐसे उपयुक्त समाधानों का प्रदर्शन करेंगे जो पहले से ही वास्तविक दुनिया में उपयोग में हैं।
इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित 2.5 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है। इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक एआई तंत्र के भीतर नई साझेदारियों को बढ़ावा देना और व्यावसायिक अवसर उत्पन्न करना है। इसमें 500 से अधिक सत्रों का आयोजन किया जाएगा जिनमें 3250 से अधिक दूरदर्शी वक्ता और पैनल सदस्य शामिल होंगे। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में एआई के परिवर्तनकारी प्रभाव को स्वीकार करना और यह सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की कार्रवाइयों पर विचार-विमर्श करना होगा कि एआई से प्रत्येक वैश्विक नागरिक को लाभ मिले।