देहरादून में बारिश और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित : बचाव अभियान तेज
Sun, Jul 19, 2026
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की भारी बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले 24 घंटों से राज्य के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और सड़कें बंद होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, हरिद्वार जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो किसानों की मौत हो गई है। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए कई जिलों में अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है।
मानसून की सक्रियता के चलते उत्तराखंड के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। मलबा गिरने से राज्य के विभिन्न हिस्सों में 84 से अधिक मुख्य और संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। सड़कों के बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है और यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
हरिद्वार में आकाशीय बिजली गिरने से दो किसानों की मौत
प्राकृतिक आपदा का सबसे दर्दनाक मामला हरिद्वार जिले के सिडकुल थाना क्षेत्र के डालूवाला गांव से सामने आया है। जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम मौसम अचानक खराब हो गया। तेज हवाओं और बादलों की गड़गड़ाहट के बीच खेत में काम कर रहे दो किसान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। बिजली गिरने से दोनों किसान गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
मृतकों की पहचान नरेंद्र सिंह (55) और रणधीर सिंह (38) के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों की जान जा चुकी थी। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है।स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों किसान अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक मौसम खराब हुआ और बिजली गिरने की घटना हो गई। प्रशासन की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है और पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
भूस्खलन से बढ़ी परेशानी, कई मार्ग बंद
लगातार हो रही बारिश का सबसे ज्यादा असर पहाड़ी क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर सड़कें बाधित हो गई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। बंद मार्गों को खोलने के लिए मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है।
उत्तराखंड में हर साल मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आपात स्थिति में तुरंत सहायता लेने की अपील की है। फिलहाल राज्य में बारिश का असर जारी है और सभी विभाग राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
आगरा में तोते की तलाश खत्म : 6 दिन बाद मिला प्यारा माऊ
Sun, Jul 19, 2026
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में पिछले छह दिनों से लापता पालतू तोता ‘माऊ’ आखिरकार रविवार को अपने परिवार के पास वापस लौट आया। माऊ की तलाश पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई थी। अपने पालतू पक्षी को परिवार का सदस्य मानने वाले उसके मालिक और आयकर अधिवक्ता सुनील सिंह ने उसे ढूंढ़ने वाले व्यक्ति के लिए 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी। इसके साथ ही शहर के कई प्रमुख स्थानों पर तोते की गुमशुदगी के पोस्टर और होर्डिंग भी लगाए गए थे।
माऊ के गायब होने के बाद सुनील सिंह और उनका परिवार लगातार उसकी तलाश में जुटा हुआ था। उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भी लोगों से अपील की थी कि अगर किसी को उनका तोता दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें। इस दौरान कई लोगों ने माऊ मिलने का दावा किया, लेकिन जांच के बाद सभी दावे गलत निकले। लगातार फर्जी सूचनाओं के बीच परिवार को एक सही जानकारी का इंतजार था। रविवार सुबह आखिरकार एक फोन कॉल ने परिवार की उम्मीदों को पूरा कर दिया। सुनील सिंह के पास एक व्यक्ति का फोन आया और उसने बताया कि माऊ उसके पास है। फोन करने वाले व्यक्ति ने उन्हें शास्त्रीपुरम इंडस्ट्रियल एरिया आने के लिए कहा, जहां वह तोता उन्हें सौंप सकता था।
शुरुआत में सुनील सिंह को इस दावे पर विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने सुरक्षा और पुष्टि के लिए फोन करने वाले व्यक्ति से वीडियो कॉल पर तोता दिखाने को कहा। वीडियो कॉल के दौरान उन्होंने माऊ को पहचान लिया। तोते की पहचान होते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और वे तुरंत बताए गए स्थान पर पहुंच गए। सुनील सिंह जब शास्त्रीपुरम इंडस्ट्रियल एरिया पहुंचे तो वहां एक व्यक्ति मिला, जिसने अपना चेहरा कपड़े से ढक रखा था। बातचीत और माऊ की पहचान के बाद सुनील सिंह ने उस व्यक्ति को घोषित 50 हजार रुपये का इनाम दिया और अपना प्यारा तोता वापस ले लिया।
माऊ के घर लौटते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया। छह दिनों से जिस तोते की तलाश में पूरा परिवार परेशान था, उसके वापस आने से सभी ने राहत की सांस ली। सुनील सिंह ने बताया कि माऊ उनके परिवार का हिस्सा बन चुका है और उसके गायब होने से घर में सभी लोग बेहद दुखी थे। उन्होंने बताया कि माऊ के लापता होने के बाद उनके बेटे और बेटी उसे बहुत याद कर रहे थे। बच्चों का उससे गहरा लगाव है। उनकी बेटी तो माऊ के गम में इतनी परेशान हो गई थी कि उसने खाना तक छोड़ दिया था। परिवार के लिए माऊ केवल एक पालतू पक्षी नहीं बल्कि घर का सदस्य है।
सुनील सिंह ने माऊ को वापस लाने वाले व्यक्ति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इनाम की घोषणा का उद्देश्य केवल अपने प्रिय तोते को वापस पाना था। माऊ के मिलने के बाद परिवार में फिर से खुशियां लौट आई हैं। माऊ की तलाश का यह मामला आगरा में लोगों के बीच काफी चर्चा में रहा। एक पालतू पक्षी के प्रति परिवार के लगाव और उसे वापस पाने की कोशिश ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सोशल मीडिया से लेकर शहर की गलियों तक माऊ की गुमशुदगी की चर्चा होती रही। अब छह दिन बाद उसके सुरक्षित घर लौटने से इस कहानी का सुखद अंत हो गया है।
ब्रेकिंग न्यूज़ : बड़ा नाव हादसा : 116 यात्रियों से भरी नाव पलटी
Sun, Jul 19, 2026
दिल्ली। दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना में एक बड़ा जल हादसा सामने आया है। पोमेरोन नदी के पास 116 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर जा रही एक यात्री नाव पलट गई। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। अब तक 53 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि अन्य यात्रियों की तलाश जारी है। गुयाना के प्रधानमंत्री मार्क फिलिप्स ने समाचार एजेंसी को बताया कि एमवी बारिमा (MV Barima) नामक यह यात्री नाव राजधानी जॉर्जटाउन से उत्तरी अटलांटिक तट के रास्ते पोर्ट कैतूमा जा रही थी। यात्रा के दौरान पोमेरोन नदी के निकट नाव दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, तटरक्षक बल और बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा तत्काल सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार अब तक 53 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। शेष यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है। फिलहाल नाव पलटने के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है। प्रारंभिक जांच में मौसम की स्थिति, नदी की धार और तकनीकी कारणों सहित विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
प्रशासन ने कहा है कि सभी लापता लोगों का पता लगाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। गुयाना सरकार ने घटना पर चिंता जताते हुए राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ेगा, मृतकों, घायलों और लापता लोगों की संख्या से संबंधित आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है और लोगों की निगाहें बचाव अभियान पर टिकी हुई हैं।